भोटेकोशी बाढ़ में लापता वीरगंज के परिवारों को महानगर देगा राहत मेयर सिंह ने की पीड़ित परिवारों से मुलाकात।
लोकल डेस्क, अश्विनी कुमार।
बेटे के लौटने की उम्मीद अब भी जिंदा, लापता लोगों के परिवारों के साथ खड़ा है महानगर
वीरगंज: रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में लापता हुए वीरगंज महानगरपालिका-22, जगरनाथपुर के छह लोगों के परिवारों को वीरगंज महानगरपालिका आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।
भाद्र 10 गते की सुबह भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में जगरनाथपुर के एक ही टोले के छह लोग लापता हो गए थे। बाढ़ आए काफी समय बीत जाने के बावजूद उनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इनमें पांच लोग टिमुरे और एक व्यक्ति बेत्रावती से लापता हुए हैं।
रविवार को वीरगंज महानगरपालिका के प्रमुख राजेशमान सिंह और पूर्व मंत्री प्रदीप यादव जगरनाथपुर पहुंचकर लापता लोगों के परिवारों से मिले। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर लापता लोगों की स्थिति, खोजबीन के दौरान किए गए प्रयासों तथा परिवारों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
मुलाकात के दौरान नगर प्रमुख सिंह ने कहा कि महानगरपालिका इस दुख की घड़ी में लापता लोगों के परिवारों के साथ है। उन्होंने तत्काल उपलब्ध कराए जा सकने वाले राहत एवं आवश्यक सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने लापता लोगों की खोज, पहचान तथा परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित निकायों के साथ समन्वय करने की बात कही।
नगर प्रमुख सिंह ने कहा, “अपने परिवार के सदस्य की स्थिति को लेकर अनिश्चितता में रहना बेहद पीड़ादायक है। इस दुख की घड़ी में वीरगंज महानगरपालिका लापता लोगों के परिवारों के साथ है। महानगरपालिका की ओर से तत्काल आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा और जरूरत के अनुसार समन्वय भी किया जाएगा।”
बाढ़ में लापता होने वालों में 21 वर्षीय साहबुद्दीन मंसूरी, 20 वर्षीय राहुल मियां, 14 वर्षीय सरताज मियां, 17 वर्षीय शमीम आलम, 20 वर्षीय सरफराज मियां और 16 वर्षीय रिजवान अंसारी शामिल हैं।
साहबुद्दीन, राहुल, सरताज, शमीम और सरफराज टिमुरे स्थित मोटरसाइकिल गैरेज में काम करने गए थे। वहीं रिजवान बेत्रावती-10 स्थित अंसारी मोटरसाइकिल वर्कशॉप में काम करने गया था। भाद्र 10 गते की सुबह बाढ़ आने के बाद से सभी परिवार के संपर्क से बाहर हैं।
शमीम आलम के पिता तैयब मियां मंसूरी के अनुसार, बेटे की तलाश में परिवार के सदस्य टिमुरे तक पहुंचे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा, “बेटा मिल जाएगा, यह उम्मीद लेकर टिमुरे तक पहुंचे। शव रखे जाने वाले स्थान पर भी जाकर तलाश की, लेकिन बेटे का कोई पता नहीं चला।”
तैयब के बड़े भाई उजिर मियां मंसूरी के बेटे सरफराज भी लापता हैं। एक ही परिवार के दो भाइयों के एक-एक बेटे बाढ़ में लापता हुए हैं। उनके रिश्तेदार अहमद मियां के 20 वर्षीय बेटे राहुल मियां भी लापता हैं।
लापता लोगों की पहचान के लिए बरामद शवों से डीएनए परीक्षण के माध्यम से मिलान कराने के लिए परिवारों ने रक्त के नमूने भी दिए हैं। हालांकि, अब तक परिवार के सदस्यों के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं मिल सकी है।
14 वर्षीय सरताज मियां मोटरसाइकिल बनाने का काम सीखने के लिए बाढ़ आने से करीब दो महीने पहले ही टिमुरे गए थे। वहीं साहबुद्दीन और सरफराज को टिमुरे गए करीब दो सप्ताह ही हुए थे।
साहबुद्दीन के पिता अली मियां ने बताया कि वह अब भी बेटे के मोबाइल नंबर पर फोन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “बाढ़ आने के दिन से ही नंबर पर फोन कर रहा हूं। कहीं फोन लग जाए, बेटा वापस लौट आए, यही उम्मीद अभी भी है।”
मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री यादव ने कहा कि आपदा के कारण अपने परिजनों को खोने या उनके लापता होने की पीड़ा झेल रहे परिवारों को राज्य के सभी स्तरों से सहयोग और समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते हुए राहत एवं आवश्यक सहयोग के लिए संबंधित निकायों से समन्वय करने की प्रतिबद्धता जताई।
यादव ने कहा कि लापता परिजनों को लेकर लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति में रहना बेहद दुखद है। उन्होंने खोज, पहचान और राहत कार्य को प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई। वीरगंज के लापता लोगों के परिवारों की समस्या के समाधान के लिए अपनी ओर से भी पहल करने की बात कही।
वीरगंज महानगरपालिका ने बताया कि जगरनाथपुर के छह परिवारों के साथ-साथ भोटेकोशी बाढ़ में लापता हुए वीरगंज के अन्य परिवारों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।






