Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मकर द्वार पर गूंजा निलंबन के खिलाफ कांग्रेस का विरोध

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। लोकसभा से निलंबित कांग्रेस सांसदों ने बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और अपने निलंबन को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने नारेबाजी की और कहा कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि विपक्ष के सवालों से बचने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। वह संसद की कार्यवाही हंगामे के कारण स्थगित होने के बाद बाहर आए अपने पार्टी सांसदों के साथ धरने में खड़ी दिखीं। प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष का काम जनता के मुद्दे उठाना है और यदि इस पर सजा दी जाएगी तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ होगा। उन्होंने निलंबित सांसदों के समर्थन में एकजुटता दिखाई और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसदों का कहना है कि वे सदन के भीतर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। इसी को लेकर हुए विवाद और हंगामे के बाद यह स्थिति बनी। कई सांसदों ने कहा कि वे नियमों के तहत अपनी बात रखना चाहते थे, परंतु उनकी बात सुने बिना कार्रवाई कर दी गई।

गौरतलब है कि मंगलवार को आसन की ओर कथित अभद्र व्यवहार के आरोप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया था। इस फैसले के बाद से ही कांग्रेस लगातार विरोध जता रही है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी अपने निलंबित सहयोगियों का समर्थन किया। उन्होंने संसद परिसर में उनके साथ खड़े होकर विरोध दर्ज कराया और कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता रहेगा। इस घटनाक्रम के बाद संसद में सियासी तनातनी और तेज हो गई है, तथा आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना जताई जा रही है।