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मछुआरों और मत्स्य विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है: विधायक व्यास सिंह

लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।

सीवान: दारौंदा मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के अंतर्गत दरौंदा के सिरसांव में मछुआरों और मत्स्य विक्रेताओं को आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया. इस कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक मत्स्य शिकार व विपणन किट एवं नावों का वितरण किया गया.

योजना का उद्देश्य मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. नाव, जाल और नापतौल मशीन पाकर  मछुआरों के चेहरे खिल उठे है. सरकार द्वारा मछुआरों की आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में पहल है. मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ ब्यास सिंह ने चयनित लाभुकों के बीच मत्स्य शिकार व विपणन से जुड़ी सामग्री का वितरण किया. इस दौरान एक दर्जन मत्स्य शिकारमाही व विपणन किट और नाव व जाल का वितरण किया गया.

योजना का उद्देश्य और सामग्री

कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के मछुआरों और मत्स्य विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे आधुनिक और सुरक्षित तरीके से मत्स्य शिकार व विपणन का कार्य कर सकें. योजना के तहत मछुआरों को फेंका जाल, गिल नेट, हांडी, तराजू और इंसुलेटेड आइस बॉक्स जैसी आवश्यक सामग्री का एक संपूर्ण पैकेज उपलब्ध कराया गया है. इन किटों पर सरकार द्वारा शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है.

मत्स्य उत्पादों की सुरक्षित मार्केटिंग

अधिकारियों ने कहा कि इस योजना से मत्स्य उत्पादों को जल स्रोतों से बाजार तक सुरक्षित और हाइजीनिक तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी. इससे मछली विक्रेता स्वच्छ तरीके से मछली की बिक्री कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उन्हें रोजगार का अतिरिक्त साधन भी मिलेगा. साथ ही उपभोक्ताओं को ताजी, सुरक्षित और उचित मूल्य पर मछली उपलब्ध हो सकेगी. 
योजना का लाभ

बताया गया कि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क किनारे, चौक-चौराहों तथा हाट-बाजारों में मत्स्य विपणन करने वाले मछुआरों व मत्स्य विक्रेताओं को चिन्हित कर योजना का लाभ दिया जाएगा. इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी समेत कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे.