लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
सिकरहना। पूर्वी चंपारण जिले में एक मदरसे से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां शिक्षा देने वाले एक मौलवी पर अपनी चार नाबालिग छात्राओं का अपहरण करने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्राओं को अपने प्रभाव में लेकर शादी करने की नीयत से उन्हें साथ लेकर फरार हो गया था। सभी छात्राओं की उम्र 11 से 13 वर्ष के बीच बतायी गयी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्राओं के परिजनों में हड़कंप मच गया। स्वजनों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद मामले की जांच शुरू की गयी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी छात्राओं को लेकर मदरसे से निकल गया था और उन्हें छिपाकर रखने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी चारों किशोरियों को जिले से बाहर ले जाने की तैयारी में था। इसी सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी की गयी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि छात्राओं को ढाका थाना क्षेत्र के चैनपुर ढाका मुहल्ले में रखा गया है, जिसके बाद वहां कार्रवाई की गयी।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त स्थान पर छापा मारा और चारों अपहृत छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया। मौके से आरोपी मौलवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। छात्राओं को मुक्त कराकर उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गयी, जबकि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान ढाका थाना क्षेत्र के करसहियां गांव निवासी मो. अशफाक के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह पिछले कई महीनों से मदरसे में बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने का कार्य कर रहा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटायी गयी।
थानाध्यक्ष गोपाल कुमार ने बताया कि एक छात्रा के मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चारों किशोरियों को लेकर प्रदेश से बाहर एक बड़े शहर जाने की योजना बना रहा था।
मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता थी या नहीं। छापेमारी अभियान में पुलिस अधिकारियों और जवानों की टीम शामिल रही।







