लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
बीरगंज: मध्य नेपाल संदेश साप्ताहिक पत्रिका ने अपने 11वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर ‘2084 के चुनाव में महिला पहले’ विषयक पैनल चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया।
वीरगंज स्थित क्लासिक बैंक्वेट में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन पर्सा क्षेत्र नंबर 1 के प्रतिनिधिसभा सदस्य हरि पन्त ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पन्त ने कहा कि सञ्चारमाध्यम लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और आवाजों को संबंधित निकायों तक पहुँचाने में सञ्चार क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पत्रकारिता को सत्य, तथ्य और निष्पक्षता पर आधारित होने पर जोर देते हुए दावा किया कि प्रेस स्वतंत्रता को नियंत्रित करने की सरकार की कोई नीति नहीं है। निजी सञ्चारमाध्यमों को सरकारी विज्ञापन रोकने का उद्देश्य पत्रकारिता में दिखाई देने वाली विकृतियों को नियंत्रित करना है, उनका कहना था। साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों के उद्धार और राहत कार्यों में सहयोग करने का सभी से आग्रह किया।
नेपाल पत्रकार महासंघ की केंद्रीय लेखा समिति की संयोजक केशी लामिछाने ने वर्तमान सरकार की मंत्रिपरिषद में युवाओं की भागीदारी को सकारात्मक बताते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गठन के तुरंत बाद ही मीडिया तथा प्रेस स्वतंत्रता पर हस्तक्षेप शुरू हो गया है।
पत्रिका की संपादक कविता खड्का द्वारा संचालित पैनल चर्चा में पटेर्वा सुगौली गाउँपालिका की उपाध्यक्ष ममता महतो, जनमत पार्टी की नेतृ रम्भा मिश्रा, सामाजिक अभियंता बबिता जयसवाल और प्राध्यापक उमा मिश्रा सहभागी थीं। चर्चा में आगामी चुनाव में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, प्रतिनिधित्व और नेतृत्व के विषय पर विचार-विमर्श किया गया।
इसी अवसर पर पत्रिका द्वारा प्रदान किया जाने वाला ‘मधेश प्रदेश की उत्कृष्ट महिला पत्रकार सम्मान’ इस वर्ष सर्लाही की पत्रकार बन्दना झा को प्रदान किया गया। सांसद पन्त ने झा को सम्मानपत्र तथा 11 हजार रुपये नगद सहित सम्मानित किया। झा मधेश प्रदेश सरकार के अंतर्गत मीडिया काउंसिल की कार्यवाहक अध्यक्ष तथा नेपाल पत्रकार महासंघ सर्लाही की उपाध्यक्ष भी हैं।
कार्यक्रम में नेपाल पत्रकार महासंघ के केंद्रीय सचिव केशी लामिछाने, मधेश प्रदेश के सचिव दीपक गौतम, पर्सा अध्यक्ष ओमप्रकाश खनाल, वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि गौतम, पूर्व अध्यक्ष सुबोध गुप्ता, अधिवक्ता कमलमोहन पोखरेल सहित विभिन्न व्यक्तियों की उपस्थिति थी।






