लोकल डेस्क, एन के सिंह।
कलेक्ट्रेट पर दिया 'एक दिवसीय उपवास'। पूर्वी चंपारण में बोले जिलाध्यक्ष गप्पू राय: "केंद्र की तानाशाही नीति गरीबों के पेट पर लात मारने जैसी"।
पूर्वी चंपारण: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के स्वरूप में बदलाव और बजट में कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ई. शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय परिसर स्थित कचहरी चौक पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष 'एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध' कार्यक्रम आयोजित किया।
मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप
उपवास स्थल पर प्रेस को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष गप्पू राय ने कहा कि मनरेगा योजना तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की दूरगामी सोच का परिणाम थी, जिसने देश के करोड़ों गरीब और पिछड़े परिवारों को साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार इस योजना का नाम बदलकर 'जी राम जी योजना' करना चाहती है और इसके मूल ढांचे को नष्ट करने पर तुली है।
राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने की रणनीति
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की नई नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे:
बदला गया बजट अनुपात: पहले केंद्र सरकार 90% राशि देती थी और राज्य को केवल 10% वहन करना पड़ता था। अब केंद्र ने इसे घटाकर 60% कर दिया है और राज्यों पर 40% का भारी बोझ डाल दिया है।
राज्यों की स्वायत्तता खत्म: अब राज्य सरकारें अपनी जरूरत के अनुसार योजनाएं नहीं बना पाएंगी; उन्हें पूरी तरह केंद्र के प्रस्तावों पर निर्भर रहना होगा। जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी बदलाव के खिलाफ 10 जनवरी से 29 जनवरी तक पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
"यह सरकार गरीबों की हितैषी होने का ढोंग करती है, जबकि असलियत में वह गरीबों के रोजगार के अधिकार को छीन रही है। हम मनरेगा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। " ई. शशि भूषण राय (गप्पू राय), जिला अध्यक्ष
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख नेता
इस विरोध प्रदर्शन और उपवास कार्यक्रम में जिले के दिग्गज कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए इस दौरान
शैलेंद्र सिंह, विजय शंकर पांडे, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिटटू यादव, महानगर अध्यक्ष औशदूर रहमान उर्फ रोमा खान, अनवर आलम अंसारी, राहुल शर्मा, विनय कुमार सिंह, प्रोफेसर अखिलेश दयाल, रमेश श्रीवास्तव, अजय झा, मोहम्मद नसीम अख्तर, मुख्तार आलम, नंद कुमार चौबे, यादव लाल पासवान, विश्वनाथ चौरसिया, मदन प्रसाद, पप्पू रंजन मिश्रा, रामप्रवेश तिवारी, अहमद अली, नेयाज अहमद खान, चंदेश्वर सिंह, रविंद्र तिवारी, कमरुद्दीन अंसारी, जयचंद प्रसाद यादव, परशुराम पांडे, रंजीत पांडे, दीपक भारती, नूर मोहम्मद, संजय पांडे, अरुण प्रकाश पांडे, महेंद्र पाठक, राजकुमार सिंह, राजकुमार अंजुमन, सत्येंद्र नाथ तिवारी, फैयाज अंसारी, रंजन शाह समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।







