लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
दरौंदाः प्रखंड के चिंतामनपुर गांव स्थित अम्बेदकर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत संचालित ममता इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन को एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि हासिल हुई है। बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीयूएचएस), पटना द्वारा संस्थान की संबद्धता का नवीनीकरण किए जाने के बाद संस्थान प्रबंधन, शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. कौशल कुमार गिरि ने बताया कि संबद्धता का नवीनीकरण संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में उसके निरंतर योगदान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ममता इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन लंबे समय से नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न पाठ्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता के नवीनीकरण से आगामी शैक्षणिक सत्र में नामांकन प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों के माध्यम से बेहतर शिक्षा एवं प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। संस्थान में आधुनिक प्रयोगशालाएं, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालय तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण की उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं।
डॉ. गिरि ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाओं एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
अम्बेदकर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के पदाधिकारियों ने बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, पटना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा जताए गए विश्वास पर संस्थान पूरी जिम्मेदारी के साथ खरा उतरेगा। उन्होंने स्वास्थ्य एवं पैरामेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखने तथा विद्यार्थियों को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
संबद्धता नवीनीकरण की सूचना मिलते ही संस्थान परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने इसे संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा शिक्षा के स्तर को नई मजबूती मिलेगी।







