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ममता इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित

लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।

सिवान । दारौंदा में सोमवार को क्षेत्र के युवाओं की बेहतर रोजगारपरक शिक्षा एवं रोजगार के उद्देश्य से एक विशेष संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. कौशल कुमार गिरी के साथ-साथ दारौंदा प्रखंड के अंतर्गत सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) एवं क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना था। अपने संबोधन में डॉ. कौशल कुमार गिरी ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल का होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा अपने कौशल को विकसित कर रोजगार के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर दारौंदा मुखिया संघ के अध्यक्ष निरंजन सिंह (मुखिया) ने कहा कि हम सभी मुखिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन से अत्यंत उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल से गांव के युवा-युवतियों को रोजगारोन्मुखी कोर्स करने का सुनहरा अवसर मिलेगा और कोर्स पूरा करने के उपरांत रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं भी सुनिश्चित होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि दारौंदा प्रखंड में इस प्रकार की व्यापक व्यवस्था की गई है, जो अपेक्षा से कहीं अधिक प्रभावशाली है।

संवाद कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सह प्रमुख प्रतिनिधि उमेश सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को नई दिशा मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होंगे। इसके अतिरिक्त कई शिक्षकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय शिक्षक एवं नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

अंत में संस्थान की प्रबंधन समिति ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जनोपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।