लोकल डेस्क, संजय दास थारू।
बीरगंज: पर्सा जिले के जिराभवानी गाउँपालिका–4 स्थित भवानीपुर में महतिनिया माई मंदिर के आसपास की ऐलानी (सरकारी) एवं सार्वजनिक पर्ती भूमि के संरक्षण की मांग को लेकर जिला प्रशासन कार्यालय, पर्सा में ज्ञापन सौंपा गया।
जिराभवानी गाउँपालिका–4 तथा साविक सुवर्णपुर क्षेत्र के अंतर्गत मंदिर परिसर के आसपास करीब 4 बीघा ऐलानी एवं सार्वजनिक पर्ती भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने की मांग को लेकर स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों के एक समूह ने ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि सार्वजनिक भूमि के संरक्षण के लिए जिला वन डिभिजन कार्यालय, पर्सा के विनियोजित बजट से वन प्रबंधन कार्यक्रम संचालित कर तार-जाली लगाकर भूमि का संरक्षण किया गया है। लेकिन संरक्षण के लिए लगाई गई तार-जाली हटाने तथा भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे तत्काल रोकने की मांग की गई है।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि महतिनिया माई मंदिर सहित पर्ती भूमि के संरक्षण की जिम्मेदारी जिराभवानी गाउँपालिका की है। इसलिए संरक्षित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की क्षति या अतिक्रमण नहीं होने देने का आग्रह किया गया है।
इसके साथ ही संरक्षित सार्वजनिक भूमि में लगाई गई तार-जाली उखाड़कर क्षति पहुंचाने अथवा अतिक्रमण कराने वाले लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में पूर्व मंत्री एवं सांसद रमेश रिजाल तथा मधेश प्रदेश के वन मंत्री शंकर चौधरी से संरक्षित क्षेत्र की तार-जाली हटाने तथा सामाजिक द्वंद्व उत्पन्न करने वाले कार्यों को तत्काल रोकने की मांग भी की गई है।
इसी बीच, महतिनिया माई मंदिर की पर्ती भूमि से जुड़े विवाद को लेकर कुछ संचार माध्यमों द्वारा उनके विरुद्ध झूठी खबरें प्रकाशित कर चरित्र-हत्या का प्रयास किए जाने का आरोप लगाते हुए इस पर भी आपत्ति जताई गई है।
ज्ञापन सौंपने वाले पक्ष ने कहा कि महतिनिया माई मंदिर परिसर की सार्वजनिक भूमि धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए इसका संरक्षण सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा तथा अतिक्रमण रोकने के लिए संबंधित निकायों से तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।







