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महामारी के विरुद्ध जागरूकता ही मुख्य उपाय: बृजकिशोर पटेल

लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

रक्सौल: नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी केंद्रीय कार्यालय के आयोजन तथा नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी पर्सा शाखा के समन्वय में बीरगंज स्थित होटल भिस्वा में एकदिवसीय कृत्रिम घटना आधारित “RCEC Red Cross Emergency Clinic” कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

हाल ही में विभिन्न क्षेत्रों में फैली हैजा महामारी से जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए महामारी के समय अपनाई जाने वाली सतर्कता, प्राथमिक उपचार, स्वच्छता तथा आपातकालीन व्यवस्थापन संबंधी जनचेतना बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम घटना अभ्यास के माध्यम से यह प्रदर्शन किया गया कि महामारी फैलने की स्थिति में रेडक्रॉसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वयंसेवक किस प्रकार उद्धार, उपचार, समन्वय तथा जनचेतनामूलक गतिविधियों का संचालन कर सकते हैं। अभ्यास में संक्रमित मरीजों के उद्धार, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण, स्वच्छता व्यवस्थापन तथा समुदाय में जागरूकता फैलाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृज किशोर पटेल ने कहा कि महामारी और विपद् के समय समुदाय स्तर पर तत्काल सेवा प्रदान करने के लिए इस प्रकार के अभ्यासमूलक कार्यक्रम अत्यंत प्रभावकारी होते हैं। उन्होंने कहा कि रेडक्रस हमेशा मानवीय सेवा में सक्रिय भूमिका निभाता आया है तथा आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए स्वयंसेवकों और स्वास्थ्यकर्मियों को हर समय तैयार रखना आवश्यक है।

वहीं, कार्यक्रम के संयोजक एवं नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी केंद्रीय कार्यालय से आए टिकाराज पौडेल ने कहा कि महामारी नियंत्रण के लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता और पूर्वतैयारी बेहद जरूरी है। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा स्वास्थ्य सुरक्षा मापदंडों के पालन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास रेडक्रस की भूमिका को और अधिक प्रभावकारी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

कार्यक्रम में नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी केंद्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, जिला शाखा के पदाधिकारी, रेडक्रसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, स्वयंसेवक तथा विभिन्न सरोकारवालों की सहभागिता रही। सहभागीों ने महामारी के दौरान समुदाय स्तर पर सेवा देने के अनुभव और चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा किए।

आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम से महामारी के समय अपनाए जाने वाले स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के बारे में समुदाय में सकारात्मक संदेश प्रवाहित होने के साथ-साथ विपद् तथा स्वास्थ्य संकट व्यवस्थापन के लिए स्थानीय स्तर की तैयारी को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।