नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की अपील के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की अपील की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को 2029 के लोकसभा चुनाव से मौजूदा 543 सीटों के आधार पर महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण लागू करना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लागू करने में सहयोग करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण देने की दिशा में सभी दलों को आगे आना चाहिए।
इसके एक दिन बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने के बजाय मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, 543 सीटों का एक-तिहाई हिस्सा 182 सीटें होता है, जिन्हें महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा सकता है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सितंबर 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाना चाहिए और इसे परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़कर टाला नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सरकार पर महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि मौजूदा लोकसभा की ताकत के आधार पर इसे लागू करने की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका था। लोकसभा में 528 सांसदों ने मतदान किया था, जिनमें 298 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में और 230 सांसदों ने विरोध में वोट दिया। विधेयक को पारित कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।
महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।







