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मुजफ्फरपुर में 3 दिन सोशल मीडिया बंद, ड्रोन से निगरानी तेज

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।

मुजफ्फरपुर। छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। गृह विभाग ने जिले के कुछ क्षेत्रों में फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंस्टेंट मैसेजिंग सेवाओं पर तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। जारी आदेश के अनुसार यह रोक 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से लागू होकर 26 जुलाई सुबह 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला शांति व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।

सरकार के मुताबिक, नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर की गई अपील के बाद बड़ी संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए थे। गुरुवार शाम निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और देर रात कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शनकारियों ने पथराव, तोड़फोड़ और हंगामा किया। घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए एहतियातन सोशल मीडिया सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया।

गृह विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सदर अनुमंडल-1 और सदर अनुमंडल-2 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट्स और इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान पर रोक रहेगी। प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील माहौल में सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक संदेश और अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

प्रशासन ने बताया कि यह निर्णय जिला पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को भड़काने तथा गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट आधारित कई संचार सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके।

प्रतिबंध के दायरे में फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, वीचैट, क्यूजोन, टंबलर, बायडू, स्काइप, वाइबर, लाइन, स्नैपचैट, पिंटरेस्ट, टेलीग्राम, रेडिट, स्नैपफिश, यूट्यूब पर कंटेंट अपलोड, वाइन, जांगा, बुआनेट, फ्लिकर सहित अन्य सोशल नेटवर्किंग और इंस्टेंट मैसेजिंग सेवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही जनसंचार में उपयोग होने वाली विभिन्न ब्रॉडबैंड संचार सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लागू की गई है।

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आवश्यक सरकारी सेवाओं पर लागू नहीं होगा। बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (बीएसडब्ल्यूएएन), एनआईसीनेट, नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एनकेएन), बिहार सेकलैन, जी-स्वान, बैंकिंग सेवाएं, रेलवे नेटवर्क तथा अन्य सरकारी इंटरनेट और इंट्रानेट आधारित सेवाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी, ताकि आवश्यक प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवाओं पर इसका कोई असर न पड़े।

स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। शहर के छह संवेदनशील स्थानों—कल्याणी चौक, बनारस बैंक चौक, मस्जिद चौक, मोतीझील, पानी टंकी चौक और रेलवे स्टेशन रोड—पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा समाहरणालय परिसर सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।