मोतिहारी: पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, 'Agni App' से ठगी, मास्टरमाइंड हरियाणा से गिरफ्तार
लोकल डेस्क, एन के सिंह।
मोबाइल रिचार्ज और बिजली बिल पर भारी डिस्काउंट का झांसा देकर निवेश के नाम पर हजारों लोगों से की गई धोखाधड़ी।
पूर्वी चंपारण: साइबर अपराध के खिलाफ पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का लोहा मनवाया है। मोतिहारी पुलिस ने करोड़ों रुपये के बड़े साइबर घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 'Agni App' के जरिए लोगों को चूना लगाने वाले मुख्य सरगना को हरियाणा के फरीदाबाद से दबोच लिया है। यह शातिर अपराधी मोबाइल रिचार्ज और बिजली बिल भुगतान जैसे लुभावने ऑफर्स के जाल में फंसाकर मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई डकार जाता था।
लुभावने निवेश का जाल और 1 करोड़ की ठगी
मामले का खुलासा तब हुआ जब रक्सौल निवासी अभिषेक कुमार शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपी संगम कुमार, जो खुद को 'Agni App' का CEO बताता था, ने एक सोची-समझी साजिश के तहत लोगों को निवेश पर भारी रिटर्न का लालच दिया।
ठगी का तरीका: अपराधी लोगों को मोबाइल रिचार्ज और इलेक्ट्रिक बिल पेमेंट पर भारी डिस्काउंट और कमीशन का झांसा देते थे। ऐप में यह लालच दिया गया था कि "जो जितना ज्यादा पैसा लगाएगा, उसे उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा।" जैसे ही लोगों ने भारी भरकम निवेश किया, आरोपियों ने ऐप बंद कर दिया और करोड़ों रुपये लेकर चंपत हो गए।
टेक्निकल सर्विलांस और हरियाणा में छापेमारी
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि इस पूरे नेक्सस का मास्टरमाइंड संगम कुमार हरियाणा में छिपा बैठा है। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक अभिनव परासर के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। डीआईजी हरकिशोर राय के अनुमोदन के बाद टीम को राज्य से बाहर हरियाणा भेजा गया।
फरीदाबाद से हुई नाटकीय गिरफ्तारी
मोतिहारी पुलिस की टीम ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पाली क्रेशर जोन में दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर 38 वर्षीय संगम कुमार (पिता- रवि कल्याण) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से पुलिस ने मोबाइल बरामद किया है, जिसमें ठगी के कई अहम सबूत मिलने की संभावना है।
छापेमारी टीम के जांबाज
इस सफल ऑपरेशन में पुलिस उपाधीक्षक अभिनव परासर के साथ पु०नि० मुमताज आलम, पु०नि० राजीव कु० सिन्हा, पु०अ०नि० शिवम कु० सिंह और सिपाही राकेश कुमार (सभी साइबर थाना) शामिल रहे।
सावधान रहें, सतर्क रहें!
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप या वेबसाइट पर लुभावने निवेश और भारी रिटर्न के लालच में न आएं। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और कड़ाई से पूछताछ जारी है।







