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मोतिहारी: बैंक खातों के जरिये ठगी का बड़ा 'खेल' उजागर

लोकलडेस्क, एन.के. सिंह |

मोतिहारी में करोड़ों की फर्जीवाड़ा नेटवर्क का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार। पुलिस को शक है बड़े गिरोह के सक्रिय होने का।

मोतिहारी इन दिनों डिजिटल ठगी के बड़े खेल का गवाह बन गया है। यहां पिपराकोठी इलाके में फर्जी बैंक खातों की आड़ में करोड़ों की धोखाधड़ी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस ठगी में स्थानीय लोगों के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर बैंकिंग सिस्टम को चकमा दिया गया। पुलिस की तत्परता और बैंक से मिली शिकायत ने इस पूरे रैकेट को उजागर कर दिया, जिसमें दो शातिर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।

पिपराकोठी थाना पुलिस ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो लंबे समय से फर्जी बैंक खाते खोलकर लोगों को चूना लगाने के धंधे में लिप्त थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महेश प्रसाद (निवासी बैसाखवा, थाना केसरिया) और मनोज यादव (निवासी ध्रुव पकड़ी, थाना कल्याणपुर) के रूप में हुई है। दोनों ही पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं और काफी समय से इस धोखाधड़ी के नेटवर्क का हिस्सा थे।

थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि उन्हें एसबीआई बैंक, जीवधारा से शिकायत मिली थी कि कुछ लोग फर्जी पहचान का उपयोग कर दूसरों के नाम से खाते खोल रहे हैं और उनमें संदिग्ध तरीके से पैसे का लेन-देन हो रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए त्वरित जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

पुलिस ने इस मामले में पिपराकोठी थाना में कांड संख्या 198/25, दिनांक 22 जून 2025 को प्राथमिकी दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(c), 66(d) के तहत दर्ज किया गया है।

पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस को आशंका है कि यह एक बड़े संगठित साइबर अपराध गिरोह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध बैंक गतिविधि या पहचान से जुड़ी जानकारी को नजरअंदाज न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें ताकि इस तरह के अपराधों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।