लोकल डेस्क, एन के सिंह।
नियम मानने वाली पूजा समितियों को पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात करेंगे पुरस्कृत, अनुशासन के लिए पेश की मिसाल।
पूर्वी चंपारण: चंपारण की धरती पर इस बार सरस्वती पूजा केवल भक्ति और विसर्जन का उत्सव मात्र नहीं रही, बल्कि यह नागरिक कर्तव्य और प्रशासनिक सूझबूझ की एक नई इबारत बन गई। जिले भर में ज्ञान की देवी मां शारदे की विदाई 'श्रद्धा और सौहार्द' के साथ संपन्न हुई। 'जय मां शारदे' के उद्घोष के बीच भक्तों ने नम आंखों से प्रतिमाओं का विसर्जन किया, लेकिन इस बार सड़कों पर जो अनुशासन दिखा, उसकी चर्चा अब पूरे बिहार में हो रही है। इस सफलता के पीछे जिले के युवा और सक्रिय पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की वह 'रिवॉर्ड पॉलिसी' है, जिसने विसर्जन के पारंपरिक उल्लास को अनुशासन का नया रंग दे दिया।
सख्ती नहीं, सम्मान से बदली सोच
आमतौर पर त्योहारों के दौरान पुलिस का चेहरा सख्ती और डंडे वाला होता है, लेकिन मोतिहारी एसपी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए एक सकारात्मक पहल की शुरुआत की। एसपी स्वर्ण प्रभात ने घोषणा की कि जो भी पूजा समितियां लाइसेंस की शर्तों का शत-प्रतिशत पालन करेंगी, डीजे पर प्रतिबंध का सम्मान करेंगी और निर्धारित रूट का अनुशासन से पालन करेंगी, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। पुलिस की इस 'पुरस्कार योजना' का जमीन पर जादू की तरह असर हुआ। युवा समितियों में नियमों को तोड़ने की जगह, सबसे बेहतर नागरिक बनने की होड़ लग गई।
सड़कों पर मुस्तैद रही पुलिस, खुद कमान संभाले थे एसपी
पूरे विसर्जन उत्सव के दौरान मोतिहारी का जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। संवेदनशील इलाकों से लेकर शहर के मुख्य चौराहों तक पुलिस की टीम लगातार भ्रमणशील रही। खुद एसपी स्वर्ण प्रभात सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे और पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे थे। प्रशासन की इसी सक्रियता और जनता के सहयोग का नतीजा रहा कि पूरे जिले में विसर्जन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। देर शाम तक घाटों पर मां सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर लिया गया।
पुरस्कार के लिए तैयार हो रही है 'आदर्श समितियों' की सूची
शांतिपूर्ण विसर्जन संपन्न होने के बाद अब प्रशासन उन समितियों की पहचान करने में जुट गया है, जिन्होंने विसर्जन के दौरान मिसाल पेश की है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस की शर्तों पर खरी उतरने वाली समितियों को न केवल सम्मानित किया जाएगा, बल्कि यह अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि पुलिस का यह 'सॉफ्ट पावर' दृष्टिकोण युवाओं को कानून के प्रति संवेदनशील बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
भावुक विदाई और अगले बरस की आस
विसर्जन जुलूस के दौरान मोतिहारी की सड़कों पर भक्ति का अनूठा संगम दिखा। अबीर-गुलाल उड़ाते भक्तों के चेहरों पर जहां मां से बिछड़ने का गम था, वहीं प्रशासन के प्रति सहयोग का भाव भी स्पष्ट नजर आया। भारी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तालमेल के बीच मां शारदे को इस वादे के साथ विदा किया गया कि अगले वर्ष वे फिर से बुद्धि और ज्ञान का प्रकाश लेकर चंपारण की इस धरती पर लौटेंगी।







