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मोतिहारी में फर्जी डॉक्यूमेंट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

लोकल डेस्क, नीतीश कुमार

मोतिहारी। शहर में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक कथित रैकेट का खुलासा हुआ है। मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति डीसीएलआर का कथित पत्र लेकर आरओ कार्यालय पहुंचा। दस्तावेज पर संदेह होने के बाद जब उसकी जांच कराई गई तो पता चला कि संबंधित पत्र डीसीएलआर कार्यालय से जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि केवल एक नहीं, बल्कि चार अलग-अलग व्यक्तियों ने फर्जी डीसीएलआर पत्र तैयार कर विभिन्न कार्य कराने का प्रयास किया था। जानकारी मिलते ही सदर डीएसपी दिलीप कुमार को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद उनके निर्देश पर छतौनी थाना, नगर थाना और डीआईओ की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।

संयुक्त टीम ने छतौनी थाना क्षेत्र स्थित एक साइबर कैफे में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां से कई संदिग्ध दस्तावेज, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए। जब्त किए गए सभी सामानों को थाने लाकर उनकी विस्तृत जांच की जा रही है।

पुलिस कैफे संचालक समेत इस मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि शहर के कुछ साइबर कैफे में फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और इस फर्जीवाड़े में शामिल पूरे गिरोह की पहचान कर जल्द ही उसका खुलासा किया जाएगा।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मच गया है। साथ ही अन्य संदिग्ध साइबर कैफे संचालकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।