लोकल डेस्क, एन के सिंह।
चकिया के रामडीहा में आधी रात को भीषण मुठभेड़, दो कुख्यात ढेर; बिहार पुलिस का जांबाज जवान श्रीराम यादव शहीद
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का चकिया इलाका मंगलवार की काली रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। यह महज एक मुठभेड़ नहीं थी, बल्कि खाकी के इकबाल को चुनौती देने वाले अपराधियों और कानून के रक्षकों के बीच आर-पार की जंग थी। रामडीहा गांव के सिहोरा मठ के पास हुए इस भीषण एनकाउंटर में बिहार STF ने दो बेहद खतरनाक अपराधियों, कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे को मिट्टी में मिला दिया। हालांकि, इस जीत की कीमत बिहार पुलिस को अपने एक जांबाज सिपाही श्रीराम यादव की शहादत देकर चुकानी पड़ी।
नेपाल से आया था 'डेथ वारंट', पुलिस ने लिखा 'अंतिम अध्याय'
इस पूरी मुठभेड़ की पटकथा एक सनसनीखेज फोन कॉल से शुरू हुई। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने चकिया थाने के अपर थानाध्यक्ष को नेपाल के वर्चुअल नंबर से फोन कर सीधे चुनौती दी थी। अपराधी ने फोन पर अट्टहास करते हुए कहा, "सर, आप लोग न्यूज में अपराधियों के घायल होने की खबरें देख रहे हैं न? अगली खबर 10-15 पुलिसवालों की लाशों की होगी। हम दिखा देंगे कि असली गुंडई क्या होती है।"
इस धमकी ने पुलिस महकमे के स्वाभिमान को झकझोर दिया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने इसे केवल धमकी नहीं, बल्कि पुलिस बल पर सीधा हमला माना और तत्काल ऑपरेशन की कमान संभाली।
आधी रात को बिछाया गया 'मौत का जाल'
सर्विलांस के जरिए अपराधियों की लोकेशन चकिया के रामडीहा गांव स्थित एक आवास पर मिली। बिना वक्त गंवाए STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके को तीन तरफ से घेर लिया। खुद को चारों ओर से घिरा देख अपराधियों ने सरेंडर करने के बजाय अपने पास मौजूद आधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब दो घंटे तक पूरा इलाका युद्ध के मैदान में तब्दील रहा। अपराधियों की ओर से हो रही भारी गोलीबारी के बीच जवान श्रीराम यादव को गोली लगी और वे इलाज के दौरान रहमानिया में वीरगति को प्राप्त हुए। उनके बलिदान को देख पुलिस की जवाबी कार्रवाई और तेज हो गई, जिसमें दोनों कुख्यात अपराधी ढेर कर दिए गए।
DIG और SP ने संभाली मोर्चे की कमान
मुठभेड़ की गंभीरता को देखते हुए चंपारण रेंज के डीआईजी (DIG) हरकिशोर राय और एसपी स्वर्ण प्रभात भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ और अपराधियों के भागने की आशंका है, जिसके लिए गंडक दियारा और सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी कर दी गई है।
"अपराधियों का दुस्साहस अब उनके अंत का कारण बनेगा। पुलिस के इकबाल को चुनौती देने वालों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। हमने अपने एक साथी को खोया है, उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।" — स्वर्ण प्रभात, एसपी, पूर्वी चंपारण
इलाके में तनाव, फॉरेंसिक टीम कर रही जांच
बुधवार सुबह होते ही घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम (FSL) पहुंच गई है। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में खोखे और हथियार बरामद हुए हैं। मारे गए अपराधियों पर पहले से ही हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज थे। फिलहाल पूरे जिले को अलर्ट मोड पर रखा गया है और शहीद जवान को राजकीय सम्मान के साथ विदाई देने की तैयारी की जा रही है।







