लोकल डेस्क, एन के सिंह।
बलुआ स्थित पैतृक आवास पर ली अंतिम सांस, डुमरिया घाट पर पुत्र सागर सूरज ने दी मुखाग्नि।
पूर्वी चंपारण: मोतिहारी की धरती ने आज अपने एक ऐसे सपूत को खो दिया है जिसकी पहचान उसकी विद्वत्ता से कहीं अधिक उसकी सहज मुस्कान और मृदुभाषी स्वभाव से थी। विधि जगत के स्तंभ और सामाजिक सरोकारों के सजग प्रहरी, वरिष्ठ अधिवक्ता (एपीपी) साधु शरण सिंह का शुक्रवार को उनके शहर स्थित 'बलुआ' आवास पर निधन हो गया। उनके महाप्रयाण की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। वे 'बॉर्डर न्यूज मिरर' के प्रधान संपादक सागर सूरज के पूज्य पिता थे।
एक सदाबहार व्यक्तित्व का अवसान
स्वर्गीय साधु शरण सिंह केवल एक अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि मोतिहारी के सामाजिक ताने-बाने के एक मजबूत सूत्रधार थे। उन्हें करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि कोर्ट की दलीलों से लेकर समाज की पंचायतों तक, उनकी उपस्थिति हमेशा एक 'अभिभावक' की तरह होती थी। अपनी सहज मुस्कान के कारण वे 'सदाबहार व्यक्तित्व' के धनी माने जाते थे। उनका जाना एक ऐसे दौर का अंत है जहाँ पेशे से ज्यादा मानवीय संबंधों को अहमियत दी जाती थी।
मार्मिक विदाई: बेटे ने दी मुखाग्नि
शुक्रवार का दिन मोतिहारी के लिए भारी रहा। जब उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, तो हर आँख नम थी। गंडक नदी के पवित्र डुमरिया घाट पर उनके ज्येष्ठ पुत्र सागर सूरज ने उन्हें मुखाग्नि दी। पिता को अंतिम विदाई देते समय वहां मौजूद जनसैलाब की खामोशी उनके व्यक्तित्व की विशालता को बयां कर रही थी। वे अपने पीछे एक भरा-पूरा और गौरवान्वित परिवार छोड़ गए हैं।
प्रबुद्धजनों ने कहा- 'हमने अपना मार्गदर्शक खो दिया'
गांधी संग्रहालय के उपाध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभूषण पांडेय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, "साधु शरण सिंह जी का निधन एक सहृदय और हंसमुख व्यक्तित्व का हमसे छिन जाना है।" वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन उर्फ पप्पू दुबे ने इसे विधि जगत के लिए एक ऐसी रिक्ति बताया जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।
इन दिग्गजों ने जताई संवेदना
महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. साकेत रमन, जिला परिषद अध्यक्ष ममता राय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष, इंजीनियर शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय, शिक्षाविद आलोक शर्मा, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के संस्थापक, वरिष्ठ पत्रकार शाहनवाज हुसैन, संजय कौशिक, नीरज कुमार, नरेंद्र झा, राजन दत्त द्विवेदी, संजय उपाध्याय, सच्चिदानंद सत्यार्थी, बृजेश झा, कैलाश गुप्ता, राकेश रंजन, अधिवक्ता असीम झा और सत्येंद्र सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
सिविल कोर्ट में शोक सभा
मोतिहारी सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने एक विशेष शोक सभा आयोजित कर अपने वरिष्ठ साथी को याद किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि साधु शरण सिंह जी का मार्गदर्शन हमेशा नए वकीलों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को इस असह्य दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
"यादें शेष हैं..." समाज के प्रति उनका योगदान और उनकी वो चिर-परिचित मुस्कान मोतिहारी के गलियारों में सदैव जीवित रहेगी। विनम्र श्रद्धांजलि!







