लोकल डेस्क, एन के सिंह।
बैंक दस्तावेजों के साथ एक शातिर गिरफ्तार। पुलिस ने मौके से 02 पासबुक, 02 एटीएम कार्ड और 01 मोबाइल बरामद कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज की।
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले की पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। आदापुर थाना क्षेत्र के चैनपुर गाँव में पुलिस ने एक सुनियोजित छापेमारी कर साइबर अपराध के एक बड़े खेल का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक शातिर अपराधी को रंगे हाथों दबोचा है, जिसके तार देश के कई बड़े राज्यों से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस की सटीक सर्जिकल स्ट्राइक
यह पूरी कार्रवाई दिनांक 25 फरवरी 2026 को वरीय पुलिस पदाधिकारियों को मिली एक गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई। सूचना मिली थी कि शातिर साइबर अपराधी राधी साह, जो स्वर्गीय बृजमोहन साह का पुत्र है, अपने चैनपुर स्थित आवास पर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए अभियुक्त के घर पर धावा बोल दिया और घेराबंदी कर राधी साह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
देशव्यापी ठगी का नेटवर्क, कर्नाटक से दिल्ली तक मचा रखा था कोहराम
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो अपराधी ने कई चौंकाने वाले राज उगले। राधी साह ने कबूल किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक्सिस बैंक के खातों के जरिए अवैध तरीके से रुपयों का लेन-देन करता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसके बैंक खातों पर NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) के माध्यम से कर्नाटक, केरल और दिल्ली जैसे राज्यों से कई गंभीर शिकायतें पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर भोली-भाली जनता की गाढ़ी कमाई लूटने में सक्रिय था।
अपराधिक इतिहास और बरामदगी, सलाखों के पीछे पहुँचा 'आर्म्स एक्ट' का पुराना खिलाड़ी
गिरफ्तार अभियुक्त राधी साह कोई नया खिलाड़ी नहीं है; उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी रामगढ़वा थाना कांड संख्या-217/19 में आर्म्स एक्ट के तहत जेल की हवा खा चुका है। पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिनमें दो पासबुक, दो एटीएम कार्ड और एक मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों और मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।
पुलिस की चेतावनी, अपराधी कहीं भी हों, बचेंगे नहीं
आदापुर थाना पुलिस ने इस मामले में कांड दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस जाल को पूरी तरह ध्वस्त करना उनकी प्राथमिकता है। इस गिरफ्तारी से इलाके के अन्य साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे साइबर ठगी को लेकर जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।







