लोकल डेस्क, एन के सिंह।
व्हाट्सएप पर सजती थी 'जिस्म की मंडी', छतौनी पुलिस ने बिछाया जाल।
पूर्वी चम्पारण: जिला मुख्यालय में पुलिस ने देह व्यापार के एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। तकनीक का सहारा लेकर चल रहे इस अनैतिक धंधे पर पुलिस ने तब हथौड़ा मारा जब उसे डिजिटल पेमेंट और व्हाट्सएप के जरिए लड़कियों की 'डील' होने की पुख्ता सूचना मिली। इस कार्रवाई में गिरोह के मुख्य सरगना सहित चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
डिजिटल नेटवर्क से चलता था 'काला कारोबार'
यह गिरोह पूरी तरह हाईटेक तरीके से काम कर रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि चकिया निवासी नंदलाल पासवान (पिता-रामचन्द्र पासवान) इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। वह व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजता था और रेट तय होने के बाद ऑनलाइन पेमेंट (डिजिटल ट्रांजैक्शन) लेता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
दो ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
प्रशिक्षु पुलिस अधीक्षक हेमंत कुमार और प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका के नेतृत्व में पुलिस ने एक ठोस रणनीति बनाई। टीम ने सबसे पहले छतौनी प्राइवेट बस स्टैंड के पास स्थित सोनू कुमार के मकान की तीसरी मंजिल पर छापा मारा। वहां से सरगना नंदलाल और दो महिलाओं को रंगे हाथों दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने फौरन बड़ा बरियारपुर इलाके में दूसरी छापेमारी की, जहाँ से दो अन्य महिलाओं को हिरासत में लिया गया।
मौके से क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कमरे से कई आपत्तिजनक सामान और दस्तावेज बरामद किए हैं, 01 एंड्रायड मोबाइल: (जिसका उपयोग ग्राहकों से डील और फोटो भेजने के लिए होता था) 07 पीस मैनफोर्स टैबलेट व 09 पीस कंडोम नंदलाल पासवान का आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस।
जांबाज टीम ने किया ऑपरेशन सफल
इस सफल कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका और हेमंत कुमार के साथ छतौनी थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पासवान, नवीन कुमार, बबली कुमारी और सुमन कुमार की अहम भूमिका रही।
पुलिस का कड़ा संदेश
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अनैतिक कार्यों और अपराध के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।







