लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
अपराधियों और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को दी सीधी चेतावनी। भू-माफिया, शराब और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस को खोज-खोजकर कार्रवाई करने का आदेश।
पूर्वी चंपारण: चंपारण परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने आज मोतिहारी में बेहतर पुलिसिंग और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय की सभी शाखाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फाइलों के रख-रखाव से लेकर पुलिसकर्मियों की कार्यशैली तक की गहन समीक्षा की। डीआईजी के इस रुख और कड़े निर्देशों से पूरे महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस उप-महानिरीक्षक ने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के अभिलेखों और कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और फाइलों का निष्पादन समय सीमा के भीतर हो। उन्होंने कहा कि कार्यालय व्यवस्था को जितना सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जाएगा, पुलिस की कार्यक्षमता उतनी ही बेहतर होगी। इस दौरान उन्होंने पुलिस कर्मियों की समस्याओं को भी सुना और व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर विशेष बल दिया।
लंबित कांडों पर कड़ा रुख, गंभीर मामलों का जल्द हो निष्पादन
कार्यालय निरीक्षण के बाद डीआईजी ने मुफस्सिल, नगर, बंजरिया और छतौनी थाना के पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा लंबित कांड थे। उन्होंने विशेष रूप से पुराने और गंभीर मामलों की समीक्षा की और निर्देश दिया कि साक्ष्यों के आधार पर इन मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कानूनी प्रक्रिया में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराधियों का सफाया और भ्रष्ट कर्मियों पर गाज
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस उप-महानिरीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अब खोज-खोजकर अपराधियों को बिल से बाहर निकाल रही है। भू-माफिया, शराब माफिया और मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई और तेज की जाएगी। अपराधियों के साथ-साथ उन्होंने विभाग के भीतर छिपे भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मियों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण और बैठक के दौरान मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सहित विभिन्न अंचलों के डीएसपी, इंस्पेक्टर और संबंधित थानों के थानाध्यक्ष मौजूद थे। डीआईजी ने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें और अपराध नियंत्रण में तकनीकी एवं खुफिया तंत्र का अधिकतम उपयोग करें।







