लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
जनसुनवाई में खुली लापरवाही की पोल, दो दरोगा निलंबित।एसपी स्वर्ण प्रभात ने पताही और पकड़ीदयाल के एक-एक दरोगा को किया सस्पेंड।
पूर्वी चंपारण: पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात इन दिनों एक्शन मोड में हैं। जिले की पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए एसपी न केवल जिला मुख्यालय, बल्कि अब थाना स्तर पर पहुंचकर खुद 'जनसुनवाई' कर रहे हैं। इसी कड़ी में पकड़ीदयाल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एसपी का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ कार्य में शिथिलता बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है।
कर्तव्यहीनता पर कड़ा प्रहार: दो दरोगा सस्पेंड
जनसुनवाई के दौरान मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने पाया कि कई महत्वपूर्ण मामलों के अनुसंधान में घोर लापरवाही बरती जा रही है। साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:
- पताही थाना के दरोगा दीप नारायण प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
- पकड़ीदयाल थाना के दरोगा मृत्युंजय कुमार को भी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
यही नहीं, अनुसंधान में ढिलाई बरतने को लेकर पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण (Showcause) मांगा गया है।
फरियादियों की उमड़ी भीड़, मौके पर हुआ निपटारा
एसपी द्वारा आयोजित इस जनसंवाद में बड़ी संख्या में दूर-दराज से आए फरियादी अपनी गुहार लेकर पहुंचे। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, दबंगों द्वारा जबरन कब्जा, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना और जांच प्रक्रिया में जानबूझकर की जा रही देरी जैसी शिकायतें सामने आईं। एसपी ने एक-एक कर हर फरियादी की बात सुनी और संबंधित फाइलों को खंगाला।
अधिकारियों को सख्त हिदायत: 'काम में कोताही बर्दाश्त नहीं'
सुनवाई के दौरान मौके पर मौजूद पकड़ीदयाल एसडीपीओ कुमार चंदन, मधुबन सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार प्रसाद और थानाध्यक्षों को एसपी ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि: "पुलिस का काम जनता की सेवा और अपराधियों में भय पैदा करना है। जो अधिकारी फाइलें दबाकर बैठेंगे या जांच में सुस्ती दिखाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"
एसपी ने लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी है।
जनता में जगी न्याय की उम्मीद
स्वर्ण प्रभात की इस सीधी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। लोगों का कहना है कि आला अधिकारी के सीधे हस्तक्षेप से अब थाने स्तर पर दलाली और लापरवाही पर लगाम लगेगी।







