लोकल डेस्क, एन के सिंह।
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मोतिहारी में पुलिस का 'चक्रव्यूह', होली पर उपद्रवियों की खैर नहीं, गांव-गांव गूंजी खाकी की धमक। नई परंपरा डालने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर।
पूर्वी चंपारण: रंगों के महापर्व होली पर हुड़दंगियों और शांति भंग करने वालों के मंसूबों को नेस्तनाबूद करने के लिए मोतिहारी जिला प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा 'चक्रव्यूह' रचा है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के सख्त तेवरों और कड़े निर्देशों के बाद अब जिले की सड़कों से लेकर सुदूर देहातों की गलियों तक सिर्फ और सिर्फ खाकी की धमक सुनाई दे रही है। जिला प्रशासन की इस अभूतपूर्व मुस्तैदी ने स्पष्ट कर दिया है कि सौहार्द के रंगों में खलल डालने की कोशिश करने वालों को सलाखों के पीछे जाना तय है। चंपारण की इस पावन धरती पर भाईचारे का पर्व पूरी गरिमा और सुरक्षा के साथ संपन्न हो, इसके लिए प्रशासनिक अमला 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर उतर आया है।
सोमवार का सूरज ढलते ही मोतिहारी के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा का घेरा और सख्त हो गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के कुशल नेतृत्व में जब पुलिस बल का 'फ्लैग मार्च' निकला, तो आम जनता में जहां सुरक्षा का भाव जागा, वहीं असामाजिक तत्वों के पसीने छूट गए। मुफ़्फ़सिल थानाध्यक्ष अम्बेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टुकड़ियों ने हरकैना, कटाहा, सेमरा और सिहुलिया जैसे दर्जनों गांवों को मथ डाला। बड़हरवा, रामगढ़वा से लेकर बसवारिया और रुलाहि तक पुलिस की गाड़ियों के सायरन ने यह साफ संदेश दे दिया कि कानून का इकबाल हर हाल में कायम रहेगा। प्रशासन की इस सक्रियता ने गांव-गांव में शांति की एक नई इबारत लिख दी है।
सतर्कता का आलम यह है कि प्रशासन इस बार 'संवाद और कड़ाई' के साथ काम कर रहा है। लाउडस्पीकर के जरिए गांव-गांव में मुनादी कराई जा रही है कि होलिका दहन केवल उन्हीं पारंपरिक और निर्धारित स्थानों पर होगा जहां पूर्व से होता आया है। किसी भी विवादित स्थल पर नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं होगी और यदि किसी ने भी आपसी सौहार्द बिगाड़ने का दुस्साहस किया, तो पुलिस की पैनी नजर उस पर बिजली की तरह गिरेगी। सोशल मीडिया की निगरानी से लेकर धरातल पर सूचना तंत्र को इतना मजबूत किया गया है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पलक झपकते ही मुख्यालय तक पहुँच रही है।
जिला प्रशासन की इस चाक-चौबंद व्यवस्था ने आम नागरिकों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। मुफ़्फ़सिल थानाध्यक्ष की अपील और पुलिस की सक्रियता को ग्रामीणों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। प्रशासन का स्पष्ट आह्वान है कि लोग निर्भय होकर, खुशियों के साथ और आपसी मेल-मिलाप से होली का आनंद लें। कुल मिलाकर, मोतिहारी पुलिस ने सुरक्षा का जो अभेद्य किला तैयार किया है, उसने यह सुनिश्चित कर दिया है कि इस बार चंपारण में होली केवल खुशियों और सद्भाव के रंगों से सराबोर होगी, किसी भी शरारत की गुंजाइश बाकी नहीं रहेगी।







