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रक्षा सहयोग बढ़ाने विदेश रवाना हुए राजनाथ

अंतरराष्ट्रीय डेस्क, मुस्कान सिंह।

नई दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत के रणनीतिक और रक्षा संबंधों को और मजबूत करना, सैन्य सहयोग बढ़ाना तथा रक्षा उद्योग से जुड़ी साझेदारियों को नई गति देना है।

रक्षा मंत्रालय 18 से 19 मई तक वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इसके बाद वह 19 से 21 मई तक दक्षिण कोरिया का दौरा करेंगे। इस दौरान  दोनों देशों के शीर्ष नेताओं और रक्षा अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे।

सरकार का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते वैश्विक हालात और बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत लगातार अपने मित्र देशों के साथ समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

वियतनाम यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी की समीक्षा करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान नौसेना सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उपकरणों के आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हो सकती है। भारत और वियतनाम के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर साझा दृष्टिकोण रखते हैं।

इसके बाद दक्षिण कोरिया में रक्षा मंत्री कई रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लेंगे। यहां रक्षा निर्माण, आधुनिक सैन्य तकनीक, रक्षा निवेश और संयुक्त परियोजनाओं को लेकर चर्चा होने की संभावना है। भारत ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, जिसमें दक्षिण कोरिया एक अहम भागीदार माना जाता है।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार यह दौरा भारत की विदेश और रक्षा नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी तथा रक्षा क्षेत्र में नए सहयोग के रास्ते खुलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की बढ़ती गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत अपने मित्र देशों के साथ मजबूत सामरिक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। ऐसे में राजनाथ सिंह की यह यात्रा आने वाले समय में भारत के रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती दे सकती है।