स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
रणजी ट्रॉफी में दूसरे दिन तेज गेंदबाजों का जलवा देखने को मिला। मुंबई के तुषार देशपांडे ने हैट्रिक समेत पांच विकेट लेकर चंडीगढ़ की पारी को महज 78 रन पर समेट दिया। वहीं, करीब दो साल बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लौटे उमेश यादव ने पंजाब के लिए डेब्यू करते हुए पांच विकेट लेकर अपनी वापसी को यादगार बना दिया।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में तुषार देशपांडे की घातक गेंदबाजी के सामने चंडीगढ़ की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। मुंबई ने पहली पारी में 429 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में चंडीगढ़ की टीम सिर्फ 19.1 ओवर में 78 रन पर ऑलआउट हो गई। तुषार ने महज 17 रन देकर पांच विकेट झटके और अपनी हैट्रिक से मुकाबले की तस्वीर ही बदल दी।
तीन गेंद, तीन विकेट और हैट्रिक
तुषार ने चंडीगढ़ की पारी के 11वें ओवर में लगातार तीन गेंदों पर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर हैट्रिक पूरी की। उन्होंने पहले अर्जुन आजाद को आउट किया, अगली गेंद पर शिवम भांबरी को बोल्ड किया और फिर दिपेंद्र कुश का विकेट लेकर हैट्रिक पूरी कर ली।
हैट्रिक के बाद भी तुषार नहीं रुके। उन्होंने राज बावा को आउट कर अपना पांच विकेट का आंकड़ा पूरा किया। सात ओवर में 17 रन देकर पांच विकेट का उनका प्रदर्शन मुंबई के लिए मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट रहा।
इस हैट्रिक के साथ तुषार देशपांडे रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए हैट्रिक लेने वाले छठे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले मुंबई के लिए जहांगीर खोट, उमेश कुलकर्णी, अब्दुल इस्माइल, रॉयस्टन डायस और शार्दुल ठाकुर यह कारनामा कर चुके हैं।
मुंबई ने 429 रन बनाकर कसा शिकंजा
इससे पहले मुंबई ने अपनी पहली पारी में 429 रन बनाए। सिद्धेश लाड ने 86 रन की पारी खेली, जबकि तनुष कोटियन ने 58 और मोहित अवस्थी ने नाबाद 56 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। तुषार देशपांडे ने भी बल्ले से योगदान दिया और 47 गेंदों पर 44 रन बनाए।
मुंबई के 429 रन के जवाब में चंडीगढ़ की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने सिर्फ 29 रन के स्कोर तक अपने छह विकेट गंवा दिए। निशुंक बिरला ने 15 गेंदों पर 33 रन बनाकर कुछ तेज रन जरूर जोड़े, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त साथ नहीं मिला।
चंडीगढ़ को 78 रन पर समेटने के बाद मुंबई ने फॉलोऑन दे दिया। दूसरी पारी में भी तुषार ने अपना असर जारी रखा और दिन का खेल खत्म होने से पहले विषु कश्यप को आउट कर दिया। स्टंप्स तक चंडीगढ़ का स्कोर 0/1 था और वह मुंबई से 351 रन पीछे था।
उमेश यादव की भी धमाकेदार वापसी
उधर, न्यू चंडीगढ़ में पंजाब और असम के मुकाबले में अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने लंबे अंतराल के बाद लाल गेंद से शानदार वापसी की। विदर्भ से अलग होने के बाद पंजाब के लिए अपने डेब्यू मैच में उमेश ने 24 ओवर में पांच विकेट हासिल किए।
उमेश की गेंदबाजी ऐसे समय आई जब असम के बल्लेबाजों ने पंजाब के गेंदबाजों के सामने अच्छी चुनौती पेश की थी। कप्तान देनिश दास और सिबशंकर रॉय ने शतक लगाए, लेकिन उमेश ने लगातार विकेट निकालकर पंजाब को मुकाबले में बनाए रखा। असम की पारी बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन उमेश के पांच विकेट ने पंजाब को अहम सफलता दिलाई।
दो बड़े नाम, एक जैसा असर
रणजी ट्रॉफी के इस दौर में तुषार देशपांडे और उमेश यादव ने अपनी-अपनी टीमों के लिए गेंद से जबरदस्त प्रभाव छोड़ा। तुषार ने हैट्रिक और पांच विकेट लेकर चंडीगढ़ को 78 रन पर समेट दिया, जबकि उमेश ने पंजाब के लिए डेब्यू पर पांच विकेट लेकर करीब दो साल बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी वापसी का जोरदार संदेश दिया।
मुंबई ने जहां चंडीगढ़ के खिलाफ मैच पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया है, वहीं पंजाब के लिए उमेश का प्रदर्शन टीम के गेंदबाजी आक्रमण के लिहाज से बड़ी राहत और मजबूत संकेत बनकर सामने आया है।







