एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर ने दशहरा समारोह में दिए अपने भाषण के दौरान हुई जुबानी गलती के लिए माफी मांगी है। 20 अक्टूबर को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष पर बात की थी। इस दौरान उनके मुंह से ऐसा शब्द निकल गया, जिससे उनके बयान का अर्थ बदल गया। अगले दिन 21 अक्टूबर को चेन्नई में फिल्म ‘रामायण’ के संगीत कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी।
कोलकाता में अपने भाषण के दौरान रणबीर यह कहना चाह रहे थे कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, अंत में सच्चाई और अच्छाई की जीत होती है। हालांकि, बोलते समय उन्होंने ‘जीत’ की जगह ‘अंत’ शब्द का इस्तेमाल कर लिया। इसके बाद उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
चेन्नई में अपनी गलती पर सफाई देते हुए रणबीर ने स्पष्ट किया कि उनका आशय अच्छाई और सच्चाई की जीत से था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उनकी जुबान फिसल गई थी और वह अपनी बात सही तरीके से नहीं कह पाए। अभिनेता ने अपने शब्दों के लिए खेद जताया और माफी मांगी।
अपनी बात समझाने के लिए रणबीर ने फिल्म ‘रॉकस्टार’ के गीत की पंक्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जो भी मैं कहना चाहूं, बर्बाद करे अल्फाज मेरे।” इस पंक्ति के जरिए उन्होंने बताया कि कभी-कभी सही बात कहने की कोशिश में शब्द गलत निकल जाते हैं और बात का अर्थ बदल जाता है।
रणबीर कपूर इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में दिखाई देंगे। फिल्म के पहले भाग को 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।
दशहरा भाषण के बाद रणबीर की टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी, लेकिन अभिनेता ने अगले दिन ही अपनी गलती स्पष्ट कर दी। उनके माफीनामे का मुख्य संदेश यही था कि वह अच्छाई और सच्चाई की जीत की बात करना चाहते थे, न कि उनके अंत की।







