राज्य डेस्क - प्रीति पायल
बिहार के कृषि मंत्री और बीजेपी नेता रामकृपाल यादव ने हाल ही में एक विवादास्पद दावा किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सभी 25 विधायक बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। यह बयान 26 दिसंबर 2025 के आसपास का है, जिससे बिहार की राजनीति में काफी हड़बड़ी मच गई है
"मैं पूरी गंभीरता से बता रहा हूं कि राजद के सभी 25 विधायक हमारे (बीजेपी के) संपर्क में हैं। वे कभी भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।"
उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को करारी शिकस्त मिली। जनता ने उन्हें ठुकरा दिया। हार सहन न होने और शर्मिंदगी से तेजस्वी राहुल गांधी के साथ विदेश भाग गए हैं। यादव ने तेजस्वी को नसीहत दी, "अपनी पार्टी को संभाल लो, अब कुछ बचा ही नहीं है।" यह बयान तेजस्वी के विदेश दौरा और राजद की हार के बाद की बेचैनी के बीच आया।
राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पलटवार किया कि बीजेपी "विपक्ष रहित विधानसभा" बनाना चाहती है। मशीनरी और प्रबंधन से 202 सीटें जीतने के बावजूद वे असुरक्षित हैं और दूसरे दलों को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं। राजद के अन्य नेताओं ने इसे बीजेपी की पुरानी चाल बताया, लेकिन किसी विधायक के टूटने का कोई पक्का इशारा नहीं दिया।
रामकृपाल यादव पहले लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे (उन्हें लालू का "हनुमान" कहा जाता था), लेकिन 2014 में राजद छोड़कर बीजेपी में आ गए। हाल के समय में बिहार में राजद विधायकों के बगावत की अफवाहें उड़ी हैं। जदयू ने भी कहा था कि राजद के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, और जनवरी 2026 के "खरमास" बाद बड़ा उलटफेर हो सकता है। फिलहाल कोई राजद विधायक बीजेपी में नहीं आया। यह बयान ज्यादातर राजनीतिक दबाव या मनोबल गिराने की चाल लगता है।
यह खबर मुख्यतः हिंदी मीडिया (जैसे जगरण, हिंदुस्तान लाइव) में 26-27 दिसंबर 2025 को छपी। अभी यह महज दावा है, कोई आधिकारिक पुष्टि या दल-बदल नहीं हुआ। बिहार राजनीति में ऐसे बयान आम हैं, जो अक्सर अफवाहें फैलाते हैं। नया अपडेट आने पर और सरगर्मी बढ़ेगी!







