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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर बोले पीएम मोदी, वैज्ञानिक देश के स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के वैज्ञानिक देश के गौरव, आत्मसम्मान और वैज्ञानिक शक्ति के वास्तविक निर्माता हैं, जिनकी मेहनत और समर्पण ने दुनिया में भारत की अलग पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में वर्ष 1998 में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण को भारत की शक्ति और आत्मविश्वास का ऐतिहासिक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इसी दिन भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता और रणनीतिक मजबूती का परिचय कराया था।

उन्होंने कहा कि पोखरण परीक्षण केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं था, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम था। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस सफलता ने देश के वैज्ञानिकों की प्रतिभा, साहस और समर्पण को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिक समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि देश उनके अथक परिश्रम और नवाचार के लिए सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की निरंतर मेहनत से भारत तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक आज आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक मजबूत आधार बन चुकी है। आधुनिक प्रौद्योगिकी देश में नवाचार को बढ़ावा दे रही है, रोजगार और नए अवसर पैदा कर रही है तथा विभिन्न क्षेत्रों में विकास की गति को तेज कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करना, अनुसंधान को बढ़ावा देना और ऐसे तकनीकी समाधान विकसित करना है, जो देश की प्रगति के साथ-साथ आम लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को भी पूरा कर सकें।

उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1998 में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण ‘ऑपरेशन शक्ति’ की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई थी।