एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा
अभिनेता धनुष ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में अपनी फिल्मों 'रायन' और 'कैप्टन मिलर' को मिले सम्मान को लेकर उठे विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे कि 'मैयाझगन' और 'महाराजा' जैसी चर्चित फिल्मों को प्रमुख श्रेणियों में अधिक सम्मान मिलना चाहिए था। इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए धनुष ने कहा कि वह सभी कलाकारों और फिल्मों का सम्मान करते हैं तथा इस उपलब्धि को सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए।
धनुष ने कहा कि उन्हें मिला राष्ट्रीय पुरस्कार उनके लिए बेहद सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरस्कार पाने के लिए उन्होंने कोई विशेष प्रयास नहीं किया था। उनके अनुसार, यह सम्मान उन्हें जूरी के निर्णय के आधार पर मिला है और इसके लिए वह आभारी हैं।
अभिनेता ने यह भी कहा कि कई अन्य फिल्में भी राष्ट्रीय पुरस्कार की हकदार थीं। उन्होंने माना कि किसी एक फिल्म को पुरस्कार मिलने का यह अर्थ नहीं है कि दूसरी फिल्में कम बेहतर थीं। धनुष ने लोगों से इस उपलब्धि का जश्न मनाने और सभी कलाकारों के काम का सम्मान करने की अपील की।
धनुष ने आगे कहा कि किसी तमिल कलाकार को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे तमिल सिनेमा के लिए गर्व की बात है। उनके अनुसार, ऐसे सम्मान केवल किसी एक कलाकार की उपलब्धि नहीं होते, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए खुशी और गौरव का अवसर होते हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के बाद 'रायन' और 'कैप्टन मिलर' को मिले सम्मान को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही थी। कई लोगों का मानना था कि 'मैयाझगन' और 'महाराजा' जैसी फिल्मों को भी प्रमुख श्रेणियों में सम्मान मिलना चाहिए था। इसी विवाद के बीच धनुष की प्रतिक्रिया सामने आई है।
समाचार लिखे जाने तक धनुष के बयान पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही थीं। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के चयन को लेकर अपनी अलग-अलग राय भी साझा की।







