Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

राहुल-प्रियंका पर FIR, आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने का आरोप

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। दोनों नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी नेताओं के मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए थे। इस मामले में राहुल और प्रियंका के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई सांसद संसद भवन परिसर से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचकर अपनी बात रखना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए और वहीं धरने पर बैठ गए। दोनों नेता कई घंटे तक परिसर में मौजूद रहे।

इस घटनाक्रम को लेकर दिल्ली पुलिस को विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर अब एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया। मामले में पुलिस की ओर से आगे की जांच की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पहले ही प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी थी कि आकाशवाणी भवन परिसर में रातभर धरना जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने के लिए कहा गया था और यह भी स्पष्ट किया गया था कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। इसके बावजूद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता वहां बैठे रहे और निर्वाचन आयोग तक जाने तथा अपनी मांग रखने पर अड़े रहे।

कई घंटे तक चले विरोध के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया था। इस दौरान कई अन्य इंडिया गठबंधन के नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। बाद में कुछ घंटों के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। यह पूरा घटनाक्रम उस मार्च का हिस्सा था, जिसमें विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर निर्वाचन आयोग तक पहुंचना चाहते थे।

राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा था कि विपक्षी नेता निर्वाचन आयोग जाकर अपना विरोध दर्ज कराना चाहते हैं, लेकिन उन्हें वहां जाने से रोका जा रहा है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया कि शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल या उसके प्रतिनिधि ने आयोग से मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग ने बाद में बताया कि करीब चार बजे दिल्ली पुलिस से उसे जानकारी मिली कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन देना चाहता है।

निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए पहले से निर्धारित प्रक्रिया लागू है और वर्ष 2025 में इसके संबंध में प्रक्रिया तय की गई थी। इसी बीच आकाशवाणी भवन में प्रवेश को लेकर दर्ज एफआईआर ने प्रदर्शन से जुड़े विवाद को एक नया कानूनी रूप दे दिया है। अब पुलिस मामले में शिकायत और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी के आधार पर आगे बढ़ेगी।