नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बुधवार देर शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे को लेकर चयनात्मक राजनीति कर रहे हैं और केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और विपक्ष जितनी लंबी बहस चाहे, सरकार उसका सामना करने को तैयार है।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि यदि उनका उद्देश्य वास्तव में छात्रों को न्याय दिलाना है, तो उन्हें केवल केंद्र सरकार पर निशाना बनाने के बजाय उन राज्यों में हुई पेपर लीक की घटनाओं पर भी बोलना चाहिए, जहां कांग्रेस या इंडिया गठबंधन की सरकारें सत्ता में हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यूपीए और उसके सहयोगी दलों की सरकारों के दौरान सामने आए पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं का उल्लेख नहीं किया, जिससे यह सवाल उठता है कि वह इस मुद्दे पर चयनात्मक रवैया क्यों अपना रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग समय में इन राज्यों में भी भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक तथा परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का उद्देश्य केवल उदाहरण देना है और ऐसी घटनाओं की सूची इससे भी अधिक लंबी है। उनका कहना था कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे इन मामलों पर भी समान रूप से आवाज उठानी चाहिए।
नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना या छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि उनके मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक हथियार बनाकर लाभ लेने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को सरकारों के आधार पर बांटकर नहीं देखा जाना चाहिए। यह समय यह तय करने का नहीं है कि किस राज्य में किस दल की सरकार है, बल्कि यह समझने का है कि आखिर पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, इसके पीछे कौन लोग हैं और ऐसी घटनाओं को हमेशा के लिए रोकने के लिए कौन-से प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए सभी राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के साथ सहयोग करना चाहिए।
जेपी नड्डा ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर चर्चा का सबसे उपयुक्त मंच संसद है और केंद्र सरकार हर पहलू पर विस्तृत बहस के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष जितने घंटे चर्चा चाहता है, सरकार उतने समय तक चर्चा करने को तैयार रहेगी। उनके मुताबिक, चर्चा के दौरान पेपर लीक के कारणों, इसमें शामिल लोगों की पहचान, अब तक उठाए गए सरकारी कदमों और भविष्य की रणनीति पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों छात्रों का भविष्य किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य है, इसलिए सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें।







