लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
वीरगंज: वरिष्ठ उद्योगपति, समाजसेवी तथा रुङ्टा ग्रुप के अध्यक्ष मुरलीधर रुङ्टा ने बाढ़ एवं पहाड़ प्रभावित नागरिकों की राहत, बचाव तथा पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप राहत कोष में 2 करोड़ 1 लाख रुपये का सहयोग किया है।
रुङ्टा ग्रुप के अंतर्गत संचालित विभिन्न उद्योग एवं प्रतिष्ठानों की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत उक्त रकम सहयोग के रूप में प्रदान की गई है।
इससे पहले शनिवार को हरिखेतान बहुमुखी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्षसमेत रहे सुरेशकुमार रुङ्टा ने बाढ़ एवं पहाड़ प्रभावित नागरिकों की राहत के लिए 30 से 40 लाख रुपये तक सहयोग करने की घोषणा की थी। लेकिन घोषणा के अगले ही दिन रुङ्टा ग्रुप ने अपनी प्रतिबद्धता से लगभग ६ गुना से अधिक यानी 2 करोड़ 1 लाख रुपये प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप राहत कोष में जमा किया है।
रुङ्टा ग्रुप के संचालक सुरेशकुमार रुङ्टा ने प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप राहत कोष के लिए 2 करोड़ 1 लाख रुपये का चेक हस्तांतरित किया। विपद् की इस घड़ी में किया गया यह सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय भावना से प्रेरित महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बाढ़ एवं पहाड़ के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जनधन की क्षति हुई है। ऐसे समय में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग मिले, इसी उद्देश्य से उक्त रकम प्रदान की गई है।
रुङ्टा ग्रुप के इस सहयोग से बाढ़ एवं पहाड़ प्रभावित नागरिकों के राहत, बचाव तथा पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की अपेक्षा की गई है।
रुङ्टा ग्रुप ने उद्योग एवं व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी प्राथमिकता देते हुए विभिन्न आपदाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में सहयोग करते आने की जानकारी दी है।
ग्रुप के संचालक सुरेशकुमार रुङ्टा ने आगामी दिनों में भी आपदा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार सहयोग तथा सहकार्य को निरंतरता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
विपद् की कठिन घड़ी में रुङ्टा ग्रुप द्वारा किया गया 2 करोड़ 1 लाख रुपये का यह सहयोग प्रभावित नागरिकों की राहत एवं पुनर्वास में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखा गया है। निजी क्षेत्र की ओर से किया गया यह सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय सेवा का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी बना है।







