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रूस-अमेरिका-यूक्रेन समझौते की उम्मीद, पुतिन सहयोगी का दावा

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी |

मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने कहा है कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक समझौते के "काफी करीब" पहुंच चुके हैं। अमेरिका में पहुंचे दिमित्रिएव ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब वाशिंगटन ने मॉस्को की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं।

दिमित्रिएव, जो पुतिन के शीर्ष आर्थिक वार्ताकार हैं, ने शुक्रवार को अमेरिका पहुंचकर कहा कि वह ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर रूस की स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने सीएनएन से बातचीत में दावा किया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का हालिया बयान बड़ा कदम है, जहां उन्होंने युद्ध की रेखाओं पर समझौते की बात स्वीकारी है। पहले जेलेंस्की की मांग थी कि रूस पूरी तरह पीछे हटे।

अमेरिका-रूस संवाद में नई उम्मीद

दिमित्रिएव ने कहा, "मुझे लगता है कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन राजनयिक समाधान के काफी करीब हैं। यह जेलेंस्की का बड़ा कदम है कि उन्होंने युद्ध रेखाओं पर बात मानी है।" उन्होंने आगे बताया कि पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रस्तावित बैठक रद्द नहीं हुई है, बल्कि बाद की तारीख पर होगी। ट्रंप ने बुडापेस्ट में बैठक रद्द कर दी थी, क्योंकि वे "बेकार" मुलाकात नहीं चाहते थे।

रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, दिमित्रिएव ने कहा कि यूक्रेन ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के इशारे पर संवाद बाधित कर रहा है, जो संघर्ष जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "अमेरिका पहुंचा हूं ताकि अमेरिका-रूस संवाद जारी रहे। यह यात्रा पहले से तय थी और अमेरिकी पक्ष की आमंत्रण पर है।"

प्रतिबंधों का उलटा असर: अमेरिकियों पर पड़ेगा भारी

गोल्डमैन सैक्स के पूर्व बैंकर और स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट दिमित्रिएव ने चेतावनी दी कि अमेरिका के नए प्रतिबंध अमेरिकियों को ही नुकसान पहुंचाएंगे। ये प्रतिबंध रूस की रोज़नेफ्ट और लुकोइल पर लगाए गए हैं, जो रूस के आधे से ज्यादा तेल उत्पादन के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें बढ़ेंगी, जो आम अमेरिकियों को प्रभावित करेगी।

दिमित्रिएव ने जोर देकर कहा कि रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग की संभावना अभी भी बाकी है, लेकिन इसके लिए रूस के हितों का सम्मान जरूरी है। उन्होंने अमेरिका में अपनी यात्रा को पहले से तय बताते हुए कहा कि यह संवाद का हिस्सा है।

युद्ध समाप्ति की दिशा में प्रगति

यूक्रेन युद्ध को लेकर दिमित्रिएव का यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की का रुख बदलना सकारात्मक है, जो पहले पूर्ण वापसी की मांग कर रहे थे। अब युद्ध रेखाओं पर समझौते की बात से समाधान की राह खुल सकती है। रूस की ओर से यह दावा ट्रंप प्रशासन के साथ नए संवाद की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दिमित्रिएव ने कहा कि ट्रंप-पुतिन बैठक बाद में होगी, जो युद्ध समाप्ति के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

आर्थिक सहयोग की क्षमता

दिमित्रिएव ने रूस-अमेरिका आर्थिक सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों के बावजूद, अगर रूस के हितों का सम्मान किया जाए, तो सहयोग संभव है। रूस की तेल कंपनियां वैश्विक बाजार में अहम हैं, और प्रतिबंधों से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने अमेरिका में अपनी बैठकों में यूक्रेन युद्ध पर रूस का पक्ष रखने की बात कही। यह यात्रा अमेरिका के आमंत्रण पर है, जो संवाद की नई शुरुआत का संकेत देती है।