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रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की पहल, जयशंकर ने बताया कूटनीतिक प्रयास

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।

अटलांटा। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान बताया कि भारत इस मुद्दे पर रूस, यूक्रेन और अमेरिका तीनों देशों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि युद्ध को रोकने और शांति स्थापित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी है। बैठक के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं नई दिल्ली में और इससे पहले किर्गिस्तान के बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। भारत का प्रयास है कि सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखते हुए युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का रास्ता तलाशा जाए।

जयशंकर ने बताया कि वह पहले मॉस्को का दौरा कर चुके हैं और जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भी उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम पर रूस के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। इसके अलावा वह यूक्रेन की राजधानी कीव का भी दौरा कर चुके हैं और भारतीय पक्ष यूक्रेन के अधिकारियों के साथ भी लगातार बातचीत कर रहा है। इस तरह भारत दोनों देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए रखकर युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। जयशंकर के अनुसार, भारत की कोशिश है कि बातचीत के जरिए संघर्ष को खत्म करने का कोई रास्ता निकाला जा सके।

विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ भारत के संपर्कों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में अमेरिकी प्रशासन के साथ भी समन्वय किया जा रहा है, क्योंकि अमेरिका की ओर से शांति स्थापित करने और मध्यस्थता को लेकर अपनी पहल की जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भी इस संबंध में चल रही गतिविधियों और भारत के प्रयासों की व्यापक जानकारी है। हालांकि, जयशंकर ने स्पष्ट किया कि कूटनीतिक बातचीत से जुड़ी विस्तृत जानकारी और मौजूदा परिस्थितियों के सभी पहलुओं को सार्वजनिक रूप से साझा करना संभव नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर विभिन्न देशों के बीच संवेदनशील स्तर पर बातचीत जारी है और शांति प्रयासों से जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर लगातार शांतिपूर्ण समाधान की अपील करते रहे हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि इस संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता केवल बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है। 31 अगस्त 2026 को किर्गिस्तान के बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान भी प्रधानमंत्री ने युद्ध समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि अब कभी खत्म नहीं होने वाले युद्ध की स्थिति से आगे बढ़कर इसके अंत की दिशा में प्रयास करने का समय आ गया है। मोदी ने यह भी कहा था कि युद्ध का प्रत्येक दिन मानवता को पीछे धकेलता है। उन्होंने भारत के रुख को दोहराते हुए स्पष्ट किया था कि संघर्ष को लगातार जारी रखने के बजाय शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा था कि भारत दुनिया में शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करता है और इस युद्ध का समाधान पूरी मानवता के हित में बेहद जरूरी है। भारत का मानना है कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए सभी संबंधित देशों को बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए। वहीं, जयशंकर के बयान से स्पष्ट है कि भारत रूस, यूक्रेन और अमेरिका तीनों के साथ संपर्क बनाए हुए है तथा शांति स्थापित करने के लिए होने वाले कूटनीतिक प्रयासों में अपनी भूमिका निभा रहा है। भारत लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि युद्ध का अंत सैन्य टकराव के बजाय संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के जरिए होना चाहिए।