विदेश डेस्क, ऋषि राज
कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस द्वारा किए गए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों ने एक बार फिर युद्ध की भयावहता को सामने ला दिया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। राजधानी के कई इलाकों में आवासीय इमारतों, व्यावसायिक परिसरों और सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
यूक्रेन के सैन्य प्रशासन ने बताया कि हमले देर रात शुरू हुए और कई घंटों तक अलग-अलग क्षेत्रों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं। हवाई हमले की चेतावनी जारी होते ही हजारों लोग भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और बंकरों में शरण लेने के लिए मजबूर हो गए। राजधानी के कई हिस्सों में आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए दमकल विभाग और आपदा राहत टीमें पूरी रात सक्रिय रहीं।
अधिकारियों के अनुसार दो जिलों में ऊंची रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। बचाव दल ने बताया कि क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे में अब भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसी कारण राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी रखा गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। आगामी नाटो शिखर सम्मेलन से पहले हुए इस हमले को विशेषज्ञ महत्वपूर्ण मान रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की पहले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वायु रक्षा प्रणाली और सैन्य सहायता बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रहे हमले यह साबित करते हैं कि नागरिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए और अधिक आधुनिक रक्षा उपकरणों की आवश्यकता है।
रूस की ओर से हमले को लेकर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने नागरिक इलाकों पर हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास तेज करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते सैन्य हमले न केवल मानवीय संकट को गहरा कर रहे हैं, बल्कि यूरोप की सुरक्षा और वैश्विक राजनीतिक संतुलन पर भी व्यापक प्रभाव डाल रहे हैं। फिलहाल कीव में राहत कार्य जारी हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।







