विदेश डेस्क, ऋषि राज।
बेरूत/तेल अवीव। लेबनान के अंसार कस्बे पर शनिवार को हुए इजरायली हवाई हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल हैं। लेबनान की आधिकारिक राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली हवाई हमला अंसार कस्बे में हुआ। हमले के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे से शवों तथा घायलों को बाहर निकालकर नबातियेह क्षेत्र के अस्पतालों में पहुंचाया गया। अधिकारियों और बचावकर्मियों ने प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
हमले में जान गंवाने वालों में बच्चों और महिलाओं के शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद घटना की गंभीरता और बढ़ गई है। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश की और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय स्तर पर हमले के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
लेबनान के राहत एवं बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे को हटाने का काम शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, हमले से प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए घायलों को नबातियेह क्षेत्र के अस्पतालों में ले जाया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अंसार कस्बे के अलावा नबातियेह इलाके में भी कुछ हवाई हमले किए गए। इस क्षेत्र में इजरायली कार्रवाई से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। शनिवार को हुए हमले के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर भी सक्रियता बढ़ी है।
इजरायली हवाई हमले में 11 लोगों की मौत की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। हमले में बच्चों और महिलाओं की मौत ने नागरिक आबादी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
लेबनानी बचाव दल द्वारा मलबे से शवों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई। तीन घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं कराई गई है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर रख रही हैं। हमले से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे की जांच की गई और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाई गई।
इस बीच, अंसार और नबातियेह क्षेत्र में हुए हवाई हमलों को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव बना हुआ है। शनिवार की घटना में हुई जनहानि ने एक बार फिर क्षेत्र में जारी संघर्ष के मानवीय प्रभाव को सामने ला दिया है।







