स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य ।
22 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने 5 विकेट लेकर लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला बनने का इतिहास रचा, जबकि यास्तिका भाटिया ने इसी मैदान पर महिला टेस्ट का पहला शतक जड़कर नया कीर्तिमान बना दिया।
- क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 5/37 की घातक गेंदबाज़ी कर लॉर्ड्स टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर जगह बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया।
- यास्तिका भाटिया ने शानदार शतक लगाकर लॉर्ड्स में महिला टेस्ट का पहला शतक बनाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया।
- दोनों खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर मजबूत पकड़ बना ली और महिला क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
क्रिकेट के 'होम ऑफ क्रिकेट' कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया। भारत की 22 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 37 रन देकर 5 विकेट चटकाए और लॉर्ड्स टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। अपने दूसरे ही टेस्ट में उन्होंने शानदार लाइन-लेंथ और स्विंग गेंदबाज़ी से इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी को बिखेर दिया।
क्रांति गौड़ मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा की रहने वाली हैं। हाल के महीनों में उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट में तेज़ी से अपनी पहचान बनाई है। इंग्लैंड दौरे पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद लॉर्ड्स में मिला यह ऐतिहासिक मुकाम उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया है।
वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया ने भी यादगार पारी खेलते हुए लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक जड़ दिया। धैर्य और शानदार तकनीक से सजी उनकी पारी ने भारत की बढ़त को और मजबूत किया तथा उन्हें भी लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर जगह दिला दी।
क्रांति गौड़ की ऐतिहासिक गेंदबाज़ी और यास्तिका भाटिया की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाज़ी ने भारतीय महिला क्रिकेट के लिए नया इतिहास लिख दिया। लॉर्ड्स में दोनों खिलाड़ियों की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।






