लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
सिवान। बिहार विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ आनंद ने कहा है कि बिहार का पारंपरिक व्यंजन एवं छठ महापर्व का महाप्रसाद *‘ठेकुआ’* अब लोकल से ग्लोबल बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्लोवाकिया की संसद के अध्यक्ष रिचर्ड राशी को बिहार का पारंपरिक खाद्य पदार्थ ठेकुआ भेंट किया जाना पूरे बिहार के लिए गर्व और भावुकता का क्षण है।
डॉ आनंद ने कहा कि ठेकुआ केवल एक मिठाई या प्रसाद नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। कभी गांव-घर और छठ महापर्व तक सीमित रहने वाला यह पारंपरिक व्यंजन आज वैश्विक मंच पर बिहार की पहचान बनकर स्थापित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की लोक परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर नई पहचान मिल रही है। योग, आयुर्वेद, मोटे अनाज (मिलेट्स) तथा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक धरोहरों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का कार्य केंद्र सरकार ने किया है। उसी कड़ी में ठेकुआ को मिला यह सम्मान बिहारवासियों के लिए विशेष गौरव का विषय है।
डॉ आनंद ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विदेश दौरे के दौरान बिहार की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रतीक को उपहार स्वरूप प्रस्तुत करना राज्य की परंपराओं और संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। इससे बिहार की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और आने वाली पीढ़ियां भी अपनी लोक परंपराओं पर गर्व महसूस करेंगी।







