लोकल डेस्क, ऋषि राज।
- सांसद चौरसिया ने संसद में मुद्दा उठाने का दिया भरोसा।
वीरगंज: पर्सा राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत पहाड़ी की चोटी पर स्थित पर्सा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 3 (क) के पटेर्वा सुगौली ग्रामीण नगरपालिका–1 में अवस्थित धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बाबा दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर (रामभौड़ी भाठाधाम) में लगने वाले मेले की पूर्व संध्या पर संबंधित पक्षों के बीच विचार-विमर्श एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रतिनिधि सभा सदस्य रामाकांत चौरसिया ने मेला प्रबंधन समिति, स्थानीय नागरिकों तथा श्रद्धालुओं से मुलाकात कर मेले को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं वर्षभर संचालित करने के लिए आवश्यक योजनाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास पर विस्तृत चर्चा की।
चर्चा के दौरान मेले को केवल मौसमी आयोजन तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष संचालित करने, भाठाधाम को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, सड़क उन्नयन, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
सांसद चौरसिया ने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और संवर्द्धन उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने मेला प्रबंधन समिति तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और मांगों को आगामी संसद अधिवेशन में प्रभावी ढंग से उठाने का आश्वासन दिया।
मेला संरक्षण एवं निर्माण समिति के अध्यक्ष अलखदेव चौधरी ने बताया कि श्रावण माह भर चलने वाले इस मेले में नेपाल के विभिन्न जिलों तथा पड़ोसी भारत से भी लाखों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
मेला समिति के अध्यक्ष गेनालाल पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि पर्सा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों का समन्वित सहयोग प्राप्त हो, तो भाठाधाम को देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है।
स्थानीय युवा नेता शिवकुमार शाह तेली ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, स्नान स्थल, सुरक्षा व्यवस्था तथा सड़क संपर्क में लगातार सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेले का समुचित विकास केवल मेला समिति ही नहीं, बल्कि सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित निकायों की साझा जिम्मेदारी है। समन्वित प्रयास होने पर भाठाधाम पर्यटन के क्षेत्र में चितवन के सौराहा की तरह एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है।
मेला समिति के सदस्य मनोज यादव ने कहा कि वर्तमान में यह मेला श्रावण माह के दौरान तथा वैशाख, माघ शुक्ल पंचमी और महाशिवरात्रि के अवसर पर कुछ दिनों के लिए ही आयोजित होता है। इसे वर्षभर संचालित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि भाठाधाम क्षेत्र में चारकोसे जंगल, वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास, पवित्र नदी, मनोहारी पहाड़ी दृश्य तथा हाथी सफारी जैसी पर्यटन संभावनाएँ उपलब्ध हैं। यदि स्थानीय, प्रांतीय और संघीय सरकारें दीर्घकालीन नीति बनाकर प्रभावी ढंग से कार्य करें, तो इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
स्थानीय नेता शिवकुमार शाह के अनुसार आयोजित विचार-विमर्श एवं संवाद कार्यक्रम में मेला समिति के पदाधिकारी, स्थानीय नागरिकों तथा 150 से अधिक श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।







