Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार: बीजेपी ने खर्च उठाने से किया इनकार

नेशनल डेस्क, ऋषि राज |

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का निधन 12 जून को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में हो गया था। हादसे में कुल 270 लोगों की जान गई थी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। वहीं, रूपाणी की अंतिम यात्रा के दौरान भाजपा द्वारा खर्च उठाने से इनकार किए जाने ने विवाद खड़ा कर दिया है।

रूपाणी का 16 जून को राजकोट में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राज्य और केंद्र सरकार के कई बड़े नेता शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित कई वरिष्ठ नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। करीब 6 किलोमीटर लंबी यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। हालांकि, इस बड़े आयोजन का खर्च अंततः रूपाणी के परिवार पर आ पड़ा।

अंतिम यात्रा के लिए फूल, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च करीब 20 से 25 लाख रुपए हुआ। इसे पूरा करने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने जुलाई में रूपाणी के घर संपर्क किया। परिवार को तब पता चला कि भाजपा की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया। परिवार ने कहा कि पैसों की कमी नहीं है, लेकिन पार्टी का यह रवैया बेहद दुखद और बेदर्दी भरा है। रूपाणी के पारिवारिक मित्र ने कहा कि यह सम्मान और इंसानियत के खिलाफ है।
सौराष्ट्र के दो प्रमुख नेताओं ने इस मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि विजय रूपाणी ने अपना पूरा जीवन भाजपा और समाज की सेवा में बिताया। ऐसे में अंतिम संस्कार का खर्च स्वयं उठाना उनके योगदान के साथ न्याय नहीं है।

रूपाणी 2016 में आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। 2017 में विधानसभा चुनाव जीतकर दोबारा मुख्यमंत्री बने। 2021 में उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया, जिसे राजनीतिक हलकों में चौंकाने वाला कदम माना गया। उनके निधन और अंतिम यात्रा में हुए विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर बहस छेड़ दी है।

विमान हादसे में मारे गए 270 लोगों में 52 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। हादसे का एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार की कहानी भी चर्चा में रही। ऐसे समय में रूपाणी के परिवार के साथ हुए व्यवहार ने संवेदनाओं को झकझोर दिया है और राजनीति में इंसानियत की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।