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विज्ञापन गुरु पीयूष पांडे नहीं रहे, अमर हुए उनके नारे

नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय |

भारतीय विज्ञापन जगत के एक महान हस्ती पीयूष पांडे का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका निधन गुरुवार को मुंबई में हुआ। पीयूष पांडे ने अपने करियर में कई यादगार विज्ञापन बनाए, जिनमें 'अब की बार मोदी सरकार', 'फेविकोल का जोड़', 'कैडबरी कुछ खास है' और 'ठंडा मतलब कोका-कोला' जैसे नारे शामिल हैं।

पीयूष पांडे का जन्म 1955 में जयपुर में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपने भाई प्रसून पांडे के साथ की थी। उन्होंने ओगिल्वी इंडिया में चार दशक से अधिक समय तक काम किया और विज्ञापन जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई पीयूष पांडे को उनके योगदान के लिए 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने विज्ञापन जगत में कई नए आयाम स्थापित किए और भारतीय उपभोक्ताओं की भावनाओं से जुड़े विज्ञापन बनाए। उनके निधन पर कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। फिल्ममेकर हंसल मेहता ने लिखा, "फेविकोल का जोड़ टूट गया। एड वर्ल्ड ने अपना ग्लू खो दिया।" केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी उनके निधन पर दुख जाहिर किया।

पीयूष पांडे के निधन से विज्ञापन जगत को बड़ा झटका लगा है। उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी और उनके विज्ञापन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।