लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
वीरगंज: सरकारी सूचना एवं विज्ञापन वितरण में सरकार द्वारा अपनाई गई भेदभावपूर्ण तथा मनमानी नीति के विरोध में पर्सा के पत्रकार आंदोलन पर उतर आए हैं। नेपाल पत्रकार महासंघ पर्सा शाखा के आह्वान पर बुधवार को जिला प्रशासन कार्यालय पर्सा के सामने विरोध प्रदर्शन के साथ एक घंटे का धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया।
नेपाल पत्रकार महासंघ पर्सा शाखा के अध्यक्ष ओमप्रकाश खनाल के नेतृत्व में आयोजित धरना कार्यक्रम में पर्सा जिले के विभिन्न संचार माध्यमों से जुड़े पत्रकारों और संचारकर्मियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस धरने के माध्यम से पत्रकारों ने प्रेस की स्वतंत्रता, संचार माध्यमों की समान पहुंच तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
धरना में शामिल पत्रकारों ने सरकारी सूचना एवं विज्ञापन वितरण संबंधी हालिया निर्णय को तत्काल रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि राज्य की सूचनाओं और विज्ञापनों तक सभी संचार माध्यमों की समान, निष्पक्ष और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्यक्रम में बोलते हुए महासंघ के पदाधिकारियों और पत्रकारों ने आरोप लगाया कि सरकार के हालिया निर्णय से संचार क्षेत्र में अस्वस्थ वर्गीकरण, भेदभाव और असमानता को बढ़ावा मिला है। उनका कहना था कि यह निर्णय स्वतंत्र पत्रकारिता, प्रेस स्वतंत्रता तथा छोटे और स्थानीय मीडिया संस्थानों के अस्तित्व पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
धरने के दौरान पत्रकारों ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए मीडिया के प्रति अपनाई गई भेदभावपूर्ण नीति को तत्काल वापस लेने तथा प्रेस-मैत्री वातावरण बनाए रखने की मांग की।
नेपाल पत्रकार महासंघ पर्सा शाखा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो संचार क्षेत्र के हित, पेशागत सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आगे भी आंदोलन के कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।
पत्रकारों ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में स्वतंत्र और सशक्त मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए राज्य के सभी निकायों को प्रेस स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए सभी संचार माध्यमों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।







