विदेशी मीडिया के दावों पर लगा विराम; आरबीआई ने कहा— सुरक्षित और अपरिवर्तित है देश का स्वर्ण भंडार
नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
मुंबई: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने विदेशी मीडिया में चल रही उन तमाम रिपोर्टों का पूरी तरह से खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में गिरावट को रोकने और भारतीय रुपये को मजबूती देने के लिए भारी मात्रा में सोना बेचा है।
केंद्रीय बैंक ने बुधवार को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट शब्दों में कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों में चल रही ये खबरें पूरी तरह से "गलत और भ्रामक" हैं। रिज़र्व बैंक ने आम जनता को सलाह दी है कि वे इस तरह की अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक आंकड़ों को ही सही मानें। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह हर महीने अपने पास उपलब्ध भौतिक सोने (Physical Gold) के वास्तविक आंकड़े नियमित रूप से जारी करता है, जिसे उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान तिथि तक भारत का कुल स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह ठीक उतना ही है जितना मई महीने में जारी की गई अप्रैल की रिपोर्ट में दर्ज किया गया था। इस आंकड़े को सार्वजनिक करते हुए आरबीआई ने अपनी वेबसाइट पर संबंधित रिपोर्ट का लिंक भी साझा किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के अंत में स्वर्ण भंडार 880.34 टन था, जो अप्रैल के प्रथम सप्ताह (03 अप्रैल को समाप्त सप्ताह) में 180 किलोग्राम की बढ़ोतरी के साथ 880.52 टन पर पहुंच गया था। तब से लेकर अब तक इस भौतिक भंडार में से एक ग्राम सोना भी नहीं बेचा गया है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत बनाए रखी है। पिछले एक वर्ष के दौरान केंद्रीय बैंक ने सोने की बिकवाली करने के बजाय कुल 940 किलोग्राम सोना खरीदा है, जो देश की आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, भारत सरकार की फैक्ट-चेक इकाई, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी इस खबर का खंडन करते हुए आंकड़े पेश किए हैं। पीआईबी के अनुसार, भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2025 के अंत में कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा 13.92 प्रतिशत था, जो 31 मार्च 2026 को बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक और मजबूत होकर 16.85 प्रतिशत पर पहुंच गया है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि आरबीआई ने सोना बेचने के बजाय अपने भंडार में सोने का अनुपात बढ़ाया है। अतः विदेशी मीडिया द्वारा फैलाई गई स्वर्ण बिकवाली की अफवाहें पूरी तरह बेबुनियाद साबित होती हैं।







