लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
रक्सौल / बीरगंज: बीरगंज स्थित एकीकृत जाँच चौकी (ICP) से निकलने वाले मालवाहक ट्रकों से अवैध रूप से वसूले जा रहे ‘ढाट’ शुल्क को लेकर विवाद एक बार फिर गहराया है।
केंद्र सरकार की ओर से बार–बार रोक लगाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद यह वसूली जारी रहने की शिकायत सामने आई है।गृह मंत्रालय ने पहले ही इस प्रकार की वसूली को पूर्णतः अवैध बताते हुए तत्काल बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर कुछ समूहों की संलिप्तता में वसूली जारी रहने पर पर्सा क्षेत्र नम्बर 1 के सांसद हरि पन्त ने कड़ा आपत्ति जताई है।
सांसद पन्त ने पर्सा के प्रमुख जिला अधिकारी भोल दहाल से समन्वय कर तुरंत इस अवैध वसूली को बंद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि दिन में वसूली रोकने और रात में पुनः शुरू करने की प्रवृत्ति देखी गई है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के विपरीत किसी भी शीर्षक में कर या शुल्क वसूलना स्वीकार्य नहीं है।
उनके अनुसार, बीरगंज भंसार, ICP और ड्राईपोर्ट जैसे प्रमुख राजस्व संकलन केन्द्रों से निकलने वाले ट्रकों से ‘ढाट’ के नाम पर विभिन्न स्थानों पर जबरन वसूली की जा रही है, जिसे न तो संघीय कानून मान्यता देता है और न ही स्थानीय निकायों को ऐसा करने का अधिकार है।व्यवसायियों का कहना है कि लंबे समय से ठेकेदारों द्वारा ट्रकों से 500 से 1000 रुपये तक जबरन वसूली की जा रही है, जिससे ढुलाई लागत बढ़ रही है और इसका सीधा असर उपभोक्ता मूल्य पर पड़ रहा है।
सांसद पन्त ने संबंधित निकायों को निर्देश देते हुए कहा कि अवैध वसूली को तत्काल बंद किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कानून के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ट्रक चालकों से प्रति गाड़ी 500 से 1000 भारतीय रुपये तक वसूली की शिकायत सामने आने के बाद सांसद पन्त ने इस विषय को प्रधानमंत्री के समक्ष भी उठाया था, जिसके बाद सरकार ने तत्काल इस अवैध वसूली को बंद करने का निर्देश जारी किया था।







