स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के बाद शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उन पर जानलेवा हमला था और इसके पीछे गहरी साजिश रची गई थी।
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को पहले पूर्वी महानगरीय बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें दक्षिण कोलकाता के मिंटो पार्क के निकट स्थित एक अन्य गैर-सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद उन्हें बेलव्यू क्लिनिक ले जाया गया।
इससे पहले पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पहले अस्पताल ने सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व के दबाव में उन्हें उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराया।
मीडिया से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी ने अपना टूटा हुआ चश्मा दिखाते हुए कहा, "वे मुझे मारना चाहते थे।" उन्होंने पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि घटना को रोकने में पूरी तरह विफलता रही।
हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने सोनारपुर के स्थानीय लोगों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया था और हमले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
तृणमूल नेता का आरोप है कि हिंसा को अंजाम देने वाले लोग बाहरी थे, जिन्हें भाजपा द्वारा सुनियोजित राजनीतिक अभियान के तहत क्षेत्र में लाया गया था।
बताया गया कि यह घटना उस समय हुई, जब अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर जा रहे थे। वहां उन्हें चुनाव बाद की हिंसा में कथित रूप से मारे गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात करनी थी।







