विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
तेहरान / वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने के संकेत मिले हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त करने से संबंधित समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उनके बयान से पश्चिम एशिया में स्थिरता और शांति की नई उम्मीद जगी है।
अराघची के अनुसार प्रस्तावित समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। इनमें रणनीतिक महत्व रखने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सामान्य रूप से फिर से खोलना, विदेशों में जमी ईरानी परिसंपत्तियों को मुक्त कराना तथा युद्ध और प्रतिबंधों से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। माना जा रहा है कि इन कदमों से क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी मजबूती मिलेगी।
ईरानी सरकारी टेलीविजन से बातचीत में विदेश मंत्री ने कहा कि समझौते का मसौदा इस प्रकार तैयार किया गया है जिससे हालिया संघर्ष के दौरान ईरान द्वारा हासिल किए गए रणनीतिक और राजनीतिक लाभों को औपचारिक रूप से सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते का उद्देश्य केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में स्थायी शांति और आर्थिक पुनरुद्धार की नींव रखना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी अस्थिरता कम हो सकती है। साथ ही वैश्विक तेल बाजारों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है।
हालांकि अभी समझौते की अंतिम शर्तों और समयसीमा का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से आ रहे सकारात्मक संकेत यह दर्शाते हैं कि कूटनीतिक प्रयास निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस संभावित समझौते पर नजर बनाए हुए है।







