स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी |
पटना: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में संगठनात्मक नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए विधायक संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार इकाई की कमान नए हाथों में सौंप दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने विधायक संजय सरावगी को बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह निर्णय संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नियुक्ति से जुड़े आधिकारिक आदेश 15 दिसंबर 2025 को जारी किए गए, जिस पर राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के हस्ताक्षर हैं।
संगठन में नई जिम्मेदारी
संजय सरावगी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय करने की जरूरत महसूस की जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनका संगठनात्मक अनुभव और विधानसभा में सक्रिय भूमिका पार्टी को नए सिरे से ऊर्जा देगी।
प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर संजय सरावगी के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाना और पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा। इसके साथ ही आगामी चुनावी तैयारियों को दिशा देना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
पार्टी के भीतर संतुलन का संदेश
यह नियुक्ति केवल एक पद परिवर्तन नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पार्टी के भीतर संतुलन और समावेशी नेतृत्व के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। संजय सरावगी को संगठन और सरकार के बीच सेतु के रूप में भी अहम भूमिका निभानी होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व ने उनके अनुभव और कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।
आदेश में क्या कहा गया
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। आदेश की प्रतिलिपि बिहार प्रदेश संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि संगठनात्मक कार्यों में किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न बने। आदेश में प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री को आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
संजय सरावगी की ताजपोशी के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इसे सकारात्मक कदम माना जा रहा है। संगठन के एक वर्ग का मानना है कि नए नेतृत्व से जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ेगी और संगठनात्मक फैसलों में तेजी आएगी।
कार्यकर्ताओं से अपेक्षाएं
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संजय सरावगी से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करेंगे। संगठन में अनुशासन, सक्रियता और समन्वय को प्राथमिकता देना उनके एजेंडे में रहेगा। पार्टी के भीतर यह भी संकेत है कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक फेरबदल और सक्रियता बढ़ सकती है।
राजनीतिक समय-सारिणी में महत्व
बिहार की राजनीति में यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। भाजपा के लिए यह फैसला संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का फोकस स्पष्ट रूप से संगठन को चुनावी मोड में लाने पर है।







