स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
वाराणसी। संस्कृति संसद के तहत आयोजित जेन-जी कॉन्क्लेव के दूसरे दिन ‘यूथ लीडरशिप: वॉयस टू एक्शन’ विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान पश्चिम बंगाल के युवा विधायक संतु पान ने कहा कि जेन-जी को अक्सर आलसी और स्मार्टफोन में व्यस्त रहने वाली पीढ़ी के रूप में देखा जाता है, जबकि आज के युवाओं में नई सोच है और वे चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है।
टाटा पावर के सोशल इम्पैक्ट ग्रुप के चीफ भारत छाबड़ा ने कहा कि सफलता के लिए आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जरूरी है। युवाओं को अपने व्यक्तित्व को निखारने और सही दृष्टिकोण विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
वहीं, अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि आधुनिकता का मतलब सिर्फ आधुनिक कपड़े पहनना नहीं, बल्कि सोच में बदलाव लाना है। युवाओं को आधुनिक विचार अपनाने के साथ अपनी संस्कृति और जड़ों से भी जुड़े रहना चाहिए। कार्यक्रम में आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र बृजेश मानव और कवि डॉ. शिव प्रकाश साहित्य ने भी अपने विचार रखे।







