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सटीक आंकड़े बेहतर शासन की बुनियाद : उपराष्ट्रपति

नेशनल डेस्क, रानी कुमारी।

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि प्रभावी शासन व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के लिए सटीक और विश्वसनीय आंकड़े बेहद जरूरी हैं। सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों और योजनाओं की सफलता सही आंकड़ों पर निर्भर करती हैं और आंकड़ों के आधार पर ही जरूरतमंद लोगों की पहचान, संसाधनों का उचित वितरण और योजनाओं के प्रभाव का आकलन किया जा सकता है।

उपराष्ट्रपति ने यह बात भारतीय सांख्यिकी सेवा के 2026 बैच के 34 प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कही। इनमें 16 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने युवा अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सांख्यिकी केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को समझने तथा बेहतर नीतियां बनाने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने अधिकारियों से आंकड़े जुटाने और उनका विश्लेषण करते समय निष्पक्षता, पारदर्शिता और पेशेवर ईमानदारी बनाए रखने की अपील की।

बदलते समय में डिजिटल डेटा सिस्टम और आधुनिक तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। डिजिटल डेटाबेस, जीएसटी से जुड़े आंकड़े और तेजी से उपलब्ध होने वाले आर्थिक आंकड़े सरकार को समय पर सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति को केवल आर्थिक आंकड़ों से नहीं मापा जाना चाहिए, बल्कि लोगों के जीवन स्तर, खुशहाली और सामाजिक विकास को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

उपराष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों से लगातार सीखते रहने और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेटा आधारित शासन और विश्वसनीय सांख्यिकीय व्यवस्था विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने युवा अधिकारियों से देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और निष्पक्षता से निर्वहन करने की अपील की।