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सदर अस्पताल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं को बताए अधिकार और कानूनी संरक्षण

लोकल डेस्क , रानी कुमारी ।

मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में रविवार को सदर अस्पताल परिसर में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और विधिक संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल आने वाली महिला मरीजों, उनके परिजनों और आम महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों तथा महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नितिन त्रिपाठी ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित पोश एक्ट , दहेज निषेध कानून समेत अन्य महिला-केंद्रित कानूनों की जानकारी सरल भाषा में दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के शोषण या हिंसा की स्थिति में वे कानूनी मदद ले सकें।

सचिव ने विशेष रूप से निःशुल्क कानूनी सहायता के अधिकार के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी पीड़ित महिला को न्याय से वंचित नहीं होना चाहिए। पात्र लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता और आवश्यकतानुसार अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने महिलाओं से किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में आगे आकर सहायता लेने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर छात्रों और स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स की ओर से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और युवाओं तथा परिवारों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को दर्शाया गया। कलाकारों ने लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता दक्ष, पैरा लीगल वालंटियर रमन मिश्रा और सदर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे। इसके अलावा अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी, विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।